चार घंटे के आंधी तूफान ने उड़ाई लोगों की नींद, कई घरों से टिन की छतें उड़ी
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निजमूला घाटी में शनिवार को चार घंटे तक आंधी चली, जिससे ग्रामीणों की छानियां और मकानों की टिन की छत ही उड़ गई। आंधी इतनी तेज थी कि किसी अनहोनी की डर के कारण ग्रामीण करीब चार घंटे तक घरों में ही दुबके रहे। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर राजस्व टीम को मौके पर भेज दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को सुबह चार बजे निजमूला घाटी के शीर्ष भाग में क्वांरी पास ट्रैक से तेज आंधी शुरू हुई और यह घाटी के गांवों तक पहुंच गई। आंधी से दुर्मी और पगना गांव में करीब 15 मकानों की टिन की छत उड़ गईं। पाणा और ईराणी गांव में भी कई घरों की छतों की टिन और सौर ऊर्जा की प्लेटें उड़ गई।
आंधी से पाणा, ईराणी, झींझी, गौंणा, निजमूला, ब्यारा, सैंजी और गाड़ी गांव में छानियों और मकानों को नुकसान हुआ है। आंधी सुबह आठ बजे रुकी। क्षेत्र में संचार सेवा न होने से घटना की सूचना जिला मुख्यालय तक समय पर नहीं पहुंच पाई।
तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि गौणा गांव के एक ग्रामीण ने आपदा कंट्रोल रूप में घटना की सूचना दी। क्षेत्रीय पटवारी प्रेम प्रकाश गोस्वामी से घटना की जानकारी ली गई। राजस्व टीम को नुकसान का जायजा लेने के लिए क्षेत्र में भेज दिया गया है।