{"_id":"73d67c61e2016d52ed5767a0d3cbb582","slug":"fraud-in-kisan-seva-kendra-dehradun-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान सेवा केंद्र में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान सेवा केंद्र में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Feb 2015 01:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि मंत्रालय के किसान सेवा केंद्र में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है।
विज्ञापन
देहरादून में कई युवकों के पास अपर डिवीजन क्लर्क के नियुक्ति पत्र पहुंचे, लेकिन यह अधूरे थे। उनसे 15, 500 रुपए बतौर सिक्योरिटी मांगे गए।
फर्जीवाड़े से बेरोजगार सकते में
यह जमा करने के बाद ही बाकी का नियुक्ति-पत्र भेजने की बात कही गई। इस तरह के फर्जीवाड़े से बेरोजगार और खास तौर उनके माता-पिता सकते में हैं।
ताजा मामला लाडपुर के मनीष चौहान का है। एक रक्षा संस्थान से बतौर तकनीकी अधिकारी सेवानिवृत्त हुए जीएस चौहान के पुत्र मनीष नौकरी तलाश रहे हैं। उनके पास जनवरी अंतिम सप्ताह में एक फोन आया। रोजगार कार्यालय में उनके पंजीकरण की जानकारी देते हुए नौकरी के लिए फोन पर इंटरव्यू किए जाने की जानकारी दी गई।
मनीष ने उत्साह में इंटरव्यू दिया। बकौल जीएस चौहान दो ही दिन के भीतर सेवा शर्तों से संबंधित एक लिफाफा उनके घर पहुंच गया, जिसमें 18,500 रुपए प्रतिमाह पर नौकरी लगने की जानकारी दी गई। लेकिन पूरा नियुक्ति-पत्र भेजने से पहले पहले सिक्योरिटी जमा कराने को कहा गया।
विज्ञापन
सेवा शर्तें देख माथा ठनका तो पैसा भेजने के बजाय उन्होंने मंत्रालय की वेबसाइट खंगाली, जिसमें इस तरह की किसी नौकरी का जिक्र नहीं था। नियुक्ति-पत्र पर दिए गए पते पर संपर्ककराया तो वहां भी इस तरह का कोई कार्यालय नहीं था।
विज्ञापन
बकौल चौहान शहर के कई युवकों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। उनके पास भी लाजिम है, इस तरह के खत पहुंचे होंगे। फंसने के पूरे चांस हैं।
‘अमर उजाला’ पढ़ चेते चौहान...
मनीष के पिता जीएस चौहान के मुताबिक ‘अमर उजाला’ पढ़ वह इस तरह के फ्राड को लेकर चेत गए हैं। लेकिन बाकी पढ़े-लिखे युवकों को चेतना अभी जरूरी है।