‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर इस तरह हो रहा फर्जीवाड़ा, जानिए पूरा मामला
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में फर्जीवाड़े की शिकायतें आ रही हैं। योजना के तहत दो लाख रुपये दिलाने के नाम पर कई ठगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को झांसा देकर फार्म भरवाएं और लाखों की ठगी भी कर ली।
अब मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्य से रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की निदेशक विम्मी सचदेवा रमन ने जिलाधिकारी दून को पूरे प्रकरण की जांच करने को कहा है।
इस पर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत लाभार्थियों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान है, लेकिन केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की आड़ में कुछ लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
दो लाख दिलाने के नाम पर ठग रहे
ये ठग ग्रामीणों को योजना के तहत दो लाख दिलाने के नाम पर ठग रहे हैं। अब यह प्रकरण केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। मंत्रालय ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग उत्तराखंड की निदेशक विम्मी सचदेवा रमन ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर पर प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेजें। वहीं जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रकरण की जांच करने के साथ ही रिपोर्ट तलब की है।
दूसरी ओर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसके सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में भी आया है। फर्जीवाड़े के मामले में डोईवाला, कालसी और चकराता में मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
जिलाधिकारी ने एसएसपी और उपजिलाधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।