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देहरादून: 10 हजार रुपये का इनामी जालसाजी बाबा गिरफ्तार, खुद को बताता है आश्रम का ट्रस्टी, पहले भी दो बार जा चुका है जेल 

Wed, 15 Jun 2022 01:04 PM IST
प्राची प्रियम माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: प्राची प्रियम Updated Wed, 15 Jun 2022 01:04 PM IST
सार

पिछले दिनों हरिद्वार के पुलिस कप्तान ने वेदानंद पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने भी तलाश शुरू की। इस बीच मंगलवार को उसे हापुड़, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया।

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Fraud baba accused of selling plot to two people arrested by STF from Hapur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

देहरादून एसटीएफ ने जमीन की धोखाधड़ी के आरोपी 10 हजार रुपये के इनामी बाबा को गिरफ्तार कर लिया। साधु वेशधारी बाबा खुद को हरिद्वार में एक आश्रम का ट्रस्टी बताता है। पहले भी वह हरिद्वार और देहरादून से जेल जा चुका है। आरोपी को आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है।

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वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर था। भूमा निकेतन के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। भूमा निकेतन की ओर से आश्रम के पीछे जमीन खरीदी गई थी। जमीन वेदानंद सरस्वती उर्फ वेदप्रकाश शर्मा से खरीदी गई थी, लेकिन वेदानंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर किसी और को बेच दिया। वर्तमान में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये है। हरिद्वार पुलिस वेदानंद सरस्वती की काफी दिनों से तलाश कर रही थी। 
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पिछले दिनों हरिद्वार के पुलिस कप्तान ने वेदानंद पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने भी तलाश शुरू की। इस बीच मंगलवार को उसे हापुड़, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया। वेदानंद सरस्वती अपने आप को शारदा आश्रम का ट्रस्टी बताता है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वह जमीन की धोखाधड़ी में पहले भी दो बार जेल जा चुका है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 
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ज्वालापुर में 24 साल पूर्व भी हुआ था मुकदमा 
आरोपी वेदानंद सरस्वती काफी समय से ऐसे मामलों में लिप्त है। उसने 1998 में जमीन कब्जाने के लिए दूसरी पार्टी पर जानलेवा हमला किया था। इसके बाद उसके खिलाफ आईपीसी 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। हरिद्वार की निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुई। वर्तमान में उसे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके कारण वह जेल से बाहर था। 


क्लेमेंटटाउन में भी हुआ मुकदमा 
वर्ष 2009 में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसने क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र निवासी देवेंद्र मित्तल से साढ़े आठ बीघा जमीन की खरीदारी में लाखों रुपये का फर्जी ड्राफ्ट दिया था। इस मामले में वह अपने भाई मुकेश गौड़ व बेटे सचिन के साथ सुद्धोवाला जेल में सात-आठ महीने रह चुका है।

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