मुआवजे की रकम में धोखाधड़ी करने वाले बैंक प्रबंधक को चार साल की जेल, जानें पूरा मामला
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मुआवजे की रकम में धोखाधड़ी करने वाले बैंक मैनेजर को सीबीआई कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई है। आगे जानिए पूरा मामला...
सीबीआई कोर्ट ने टिहरी में किसानों को मुआवजे के लिए आए एक करोड़ रुपये के ब्याज धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन बैंक प्रबंधक और सहायक बैंक प्रबंधक को चार साल की सजा सुनाई है। वहीं तीसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। आरोपियों पर कोर्ट ने 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई के लोक अभियोजक अमित वर्मा के मुताबिक मामला वर्ष 1987-88 का है। टिहरी में बांध प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए सरकार की तरफ एक करोड़ रुपये जारी किए गए थे। यह रकम एफ डी के रूप में पीएनबी में जमा थी।
इसी रकम के ब्याज में हेराफेरी की गई। मामला गरमाया तो इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने छह साल की विवेचना के बाद 1997 में तत्कालीन बैंक मैनेजर वीके सिन्हा, सहायक प्रबंधक अशोक कुमार व टीएचडीसी के एसएल एसडी भट्ट के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
सीबीआई की विशेष कोर्ट में मंगलवार को इस केस की सुनवाई हुई। लोक अभियजक अमित वर्मा ने पैरोकारी करते हुए 32 गवाह प्रस्तुत किए। सीबीआई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को सही मानते हुए दोषी करार दिया।
लोक अभियोजक अमित वर्मा के मुताबिक साक्ष्यों के अभाव में भट्ट को बरी कर दिया। जबकि अन्य दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। दोनों आरोपी 15 से 20 साल पहले सेवानिवृत्त हो गए थे।