{"_id":"66009dc71076beefc406e154","slug":"former-iit-professor-cheated-of-rs-5-lakh-in-the-name-of-share-trading-in-dehradun-dehradun-news-c-5-1-drn1013-378155-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun Crime: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगों ने आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर को लगाया चूना, लाखों रुपये ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun Crime: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगों ने आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर को लगाया चूना, लाखों रुपये ठगे
Mon, 25 Mar 2024 03:10 AM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 25 Mar 2024 03:10 AM IST
सार
ठगी को लेकर प्रोफेसर प्रेम प्रकाश बहुगुणा निवासी वसंत विहार ने शिकायत की है। वह आईआईटी धनबाद से सेवानिवृत्त हैं। उनका कहना है कि उन्हें पिछले दिनों फेसबुक के माध्यम से संपर्क किया गया था।
विज्ञापन
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विस्तार
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर आईआईटी धनबाद के पूर्व प्रोफेसर से पांच लाख रुपये ठग लिए गए। साइबर ठगों ने प्रोफेसर को एक एप के माध्यम से निवेश कराया और फिर उन्हें लाभ भी दिखाया। पहले जो पैसे जमा किए थे उनकी निकासी भी की गई। पीड़ित को विश्वास हुआ तो पांच लाख रुपये और जमा कर दिए। इनका भी अच्छा-खासा लाभ एप पर दिखाया गया लेकिन इसमें से वह एक रुपया भी नहीं निकाल पाए। अब वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
एसओ वसंत विहार ने बताया कि ठगी को लेकर प्रोफेसर प्रेम प्रकाश बहुगुणा निवासी वसंत विहार ने शिकायत की है। वह आईआईटी धनबाद से सेवानिवृत्त हैं। उनका कहना है कि उन्हें पिछले दिनों फेसबुक के माध्यम से संपर्क किया गया था। संपर्क करने वालों ने खुद का परिचय एलियांज ग्लोबल इन्वेस्टर्स के रूप में दिया गया था। बताया गया था कि यह कंपनी जर्मनी की है। इसके भारतीय प्रमुख ने अपना नाम अर्जुन कपूर और उनकी सहायिका ने अपना नाम मीरा गुप्ता बताया। उन्होंने निवेश के लिए प्रोफेसर के मोबाइल पर ऑलवी नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कराया। इसी एप में बैंक खाता नंबर भी जोड़ा गया।
विज्ञापन
Election 2024: चुनाव लड़ने जो पहुंचा हरिद्वार, उसका हुआ उद्धार...कुछ पहुंचे राजनीति के शिखर पर, जानें इतिहास
विज्ञापन
शुरुआत में प्रोफेसर ने 2.77 लाख रुपये निवेश किए थे। इसका उन्हें कुछ ही दिनों में 10 लाख रुपये का लाभ दर्शाया गया। इसमें से उन्होंने अपने 2.60 लाख रुपये निकाल भी लिए। अब उन्हें विश्वास हो गया कि यह एप ठीक है और उन्हें लाभ हो रहा है। इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये निवेश कराए गए। चंद दिनों में ही एप पर लाभ 39 लाख रुपये दिखाई देने लगा। इस पर उन्होंने अपना मूलधन यहां से निकालने के लिए आवेदन किया लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। ठगों ने उनसे कहा कि वह 1.27 लाख रुपये ब्रिटिश टैक्स जमा कराएंगे तभी अपने पैसे निकाल सकते हैं। इस पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ और ठगों की चाल समझ गए। एसओ वसंत विहार महादेव उनियाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।