पूर्व सीएम बोले, मोदी बाबा का बस चले तो सांसों पर भी लगा दें जीएसटी
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सत्ता में आते ही महंगाई कम करने और विदेशों से कालाधन वापस लाने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू कर गरीब जनता और छोटे व्यापारियों को महंगाई के मुंह में धकेला है।
यदि मोदी बाबा का बस चले तो वह जनता की सांस पर भी जीएसटी लगा दें। उन्होंने कहा राजस्व वसूली में फिसड्डी सरकार के लिए नाच न जाने आंगन टेढ़ा वाली कहावत हो रही है। कहा कि उनकी सरकार ने एनएच भूमि मुआवाजा मामले में एसआईटी की जांच बैठाई थी और कमिश्नर को भी जांच के मौखिक आदेश दिए थे।
अब एसआईटी पर राजनैतिक दबाव की संभावना बढ़ गई है। एसआईटी जांच हाइकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। एनएचएआई के अधिकारियों को जांच के दायरे से बाहर रखना गंभीर है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के आवास पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में रावत ने कहा कि प्रदेश में विकास ठप पड़ा है। त्रिवेंद्र सरकार ने 11 जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी हैं।
भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के नाम उजागर करेंगे।
79 हजार महिलाओं और 21 हजार विकलांगों को पेंशन से वंचित कर दिया है। राजनैतिक हस्तक्षेप से कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक मंत्री के पति पर जमीनों की संदिग्ध खरीद-फरोख्त के आरोप लगे हैं, लेकिन जीरो टालरेंस की रट लगाने वाली सरकार चुप्पी साधे है। पहले सरकार इस मामले में कार्रवाई करे, फिर वे भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के नाम उजागर करेंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार पर जानबूझकर संसद के शीतकालीन सत्र को टालने का आरोप लगाया। कहा कि सत्र में उठने वाले जनता के प्रमुख सवालों के प्रति जवाबदेही से बचने के लिए ऐसा किया गया। यूपीए सरकार ने जिस कीमत पर राफेल प्लेन का सौदा किया था, उससे चौगुनी कीमत पर बिना तकनीक ट्रांसफर के जहाज खरीद हो रही है।
हरीश रावत ने कहा कि खेती और किसान दोनों ही उपेक्षित हो रहे हैं। धान खरीद नीति में देरी और अव्यवस्थाओं की वजह से पहली बार धान खरीद आधी से कम हुई है। वार्ता में महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, मीना शर्मा, संदीप चीमा, ममता हालदार, ममता नारंग, ललित मिगलानी सहित अनेक मौजूद रहे।