फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   forgery in kaushal vikas yojana

प्रशिक्षणार्थी न संसाधन, हस्ताक्षर भी फर्जी, हो गया कौशल विकास

Wed, 19 Sep 2018 12:58 PM IST
चंद्रेश पांडे, अमर उजाला, हल्द्वानी
चंद्रेश पांडे, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 19 Sep 2018 12:58 PM IST
विज्ञापन
forgery in kaushal vikas yojana
Job

शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए शुरू की गई कौशल विकास योजना कागजों को ही काला कर रही है। केंद्रों की जांच हुई तो अधिकतर केंद्रों के संचालन में अनियमितता उजागर हुई हैं। एक केंद्र में एक भी प्रशिक्षणार्थी नहीं मिला जबकि दो केंद्रों में प्रशिक्षणार्थियों की संख्या रजिस्टर में दर्ज संख्या से कम मिली। इस बात का भी खुलासा हुआ कि एक केंद्र में प्रशिक्षणार्थी केवल उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं। उपस्थिति पंजिका में अभ्यर्थियों के फर्जी हस्ताक्षर और हस्ताक्षर के स्थान पर कागज की पट्टियां भी चिपकी मिलीं। 

विज्ञापन


श्रम और कौशल विकास मंत्री हरक सिंह रावत के निर्देश के बाद डीएम विनोद कुमार सुमन ने जिले में स्थित कौशल विकास केंद्रों की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम 24 अगस्त से 29 अगस्त तक बरेली रोड, रामपुर रोड, लालकुआं और हल्दूचौड़ में स्थित केंद्रों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक जांच में एक केंद्र में छह अभ्यर्थी उपस्थित मिले जबकि उपस्थिति पंजिका में 15 अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर थे। यही हाल अन्य केंद्रों का भी था। एक प्रशिक्षणार्थी ने जांच टीम को बताया कि उनके केंद्र में रोजाना 20-22 अभ्यर्थी आते हैं जो उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर प्रशिक्षण लिए बगैर ही लौट जाते हैं। इस केंद्र में उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति दर्ज करने वाले स्थान पर कागज की पट्टियां भी चिपकी मिली। एक प्रशिक्षणार्थी ने जांच टीम को बताया कि उसके नाम के आगे जो हस्ताक्षर हैं वह उसने किए ही नहीं हैं।
विज्ञापन


ये मिली गड़बड़ियां
-एक केंद्र में सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं प्रशिक्षणार्थी
-अभ्यर्थी के फर्जी हस्ताक्षर और हस्ताक्षर की जगह कागज की पट्टियां चिपकी मिली
- एक केंद्र में एक भी प्रशिक्षणार्थी नहीं मिला
- बायोमैट्रिक मशीन होने के बाद भी दर्ज नहीं होती उपस्थिति

ये कमियां मिलीं
- अधिकतर केंद्रों में अभ्यर्थियों के लिए शुद्ध पानी नहीं 
- पावर बैकअप के रूप में जेनरेटर का अभाव
- सीसीटीवी का न होना 
- प्रयोगशालाओं में मशीनों के खराब होने
- बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज नहीं
- मानकों के तहत प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं
- कक्षों में प्रोजेक्टरों की कमी 

कौशल विकास केंद्रों की जांच रिपोर्ट अभी मुझे नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गड़बड़ी करने वाले केद्रों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

-विनोद कुमार सुमन डीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed