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2019-20 की तुलना में 2020-21 में तीन गुना अधिक धधके जंगल

Sat, 29 Jan 2022 12:39 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 12:39 AM IST
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Forests exploded three times more in 2020-21 than in 2019-20
देहरादून। उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों के वन विभाग के आला अधिकारियों के पर्यावरणविदों के लिए यह खबर सावधान करने वाली है। भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से जारी की गई इंडिया स्टेट आफ फॉरेस्ट रिपोर्ट -2021 के मुताबिक वर्ष 2019- 20 की तुलना में वर्ष 2020-21 में उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में वनाग्नि की घटनाओं में औसतन तीन गुना की अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड, उडीसा, तेलंगाना, मिजोरम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, असम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं औसतन दोगुना से लेकर तीन गुना अधिक दर्ज की गई है। उडीसा में नवंबर 2019 से लेकर जून 2020 के बीच वनाग्नि की 10602 घटनाएं हुईं। नवंबर 2020 से जून 2021 के बीच 51968 घटनाएं हुईं।
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उत्तराखंड के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2019- 20 में जहां 759 वनाग्नि की घटनाएं हुईं। वर्ष 2020-21 में यह आंकड़ा बढ़कर 21487 पर पहुंच गया। ऐसे में वनाग्नि की घटनाओं में 28.3 गुना इजाफा हो गया। उत्तराखंड और उड़ीसा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी वनाग्नि की घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में नवंबर 2019 से लेकर जून- 2020 के बीच कुल 9537 घटनाएं हुईं। नवंबर 2020 से लेकर जून- 2021 के बीच 45795 वनाग्नि की घटनाएं र्हुईं।
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केेंद्र शासित राज्यों में भी हुईं घटनाएं
केंद्र शासित राज्यों लक्षद्वीप और चंडीगढ़ में एक भी घटना नहीं हुई। पुदुचेरी दमन एंड द्वीप में एक-एक घटनाएं दर्ज की गईं। दादरा-नगर हवेली में नवंबर-2020 से जून- 2021 के बीच 35 छोटी बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं।
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एसएनपीपी- वीआईआईआरएस के जरिए देश के जंगलों पर नजर
भारतीय वन सर्वेक्षण के विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों के जंगलों की निगरानी अमेरिकी सैटेलाइट मोडिस के साथ ही एसएनपीपी- वीआईआईआरएस के जरिए की जा रही है। सैटेलाइट के जरिए जंगलों में आग की जानकारी मिलते ही इसे संबंधित राज्यों के साथ साझा किया जाता है।
एफएसआई वनाग्नि जियोपोर्टल कर साझा की जा रहीं जानकारियां
भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से एफएसआई वनाग्नि जियोपोर्टल तैयार किया गया है। जिसके जरिए सैटेलाइट से मिली घटनाओं की जानकारी तत्काल संबंधित राज्यों को साझा की जाती है। इतना ही नहीं जंगलों को धड़कने से बचाया जा सके इसके लिए विशेषज्ञ रियल टाइम फॉरेस्ट फायर मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए भी पैनी नजर रखते हैं।

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भारतीय वन सर्वेक्षण के विशेषज्ञों द्वारा मोडिस सैटेलाइट के जरिए वनाग्नि की निगरानी की जा रही है। नवंबर 2019 से जून 2020 के बीच जहां पूरे देश में 124473 वनाग्नि की घटनाएं हुईं। वर्ष 2020- 21 में 345989 घटनाएं रिकार्ड की गईं। इस संबंध में रिपोर्ट केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को सौंपी गई है। साथ ही राज्यों को भी अवगत कराया जा रहा है।
-प्रकाश लखचौरा, उप महानिदेशक, भारतीय सर्वेक्षण विभाग
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