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जंगल बचाने में अव्वल साबित हुआ भारत
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 10 Jul 2014 07:06 PM IST
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पूरी दुनिया में बढ़ते प्रदूषण, पिघलते ग्लेशियरों पर बढ़ती चिंताओं के बीच देश के लिए राहत भरी खबर है। देश में जंगलों का कुल क्षेत्र 5871 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।
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फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) की ताजा रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। यह रिपोर्ट वर्ष 2011 और 2013 की तुलना पर आधारित है।
हरियाली गंवाने में नागालैंड नंबर वन
2011 में देश में कुल फॉरेस्ट कवर 692027 वर्ग किमी था, जो 2013 में बढ़कर 697898 हो गया। इस बार पश्चिम बंगाल जंगलों को बचाने में देश में अव्वल साबित हुआ है। वहीं, हरियाली गंवाने में नागालैंड, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर रहे हैं।
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उत्तराखंड, यूपी के अलावा दिल्ली में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात पर भी जंगलों को बचाने में कामयाब रहा है। राज्यों के लिहाज से जंगल बढ़ने या घटने के पीछे अलग अलग वजहें सामने आई हैं।
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उत्तराखंड में अच्छा रहा परिणाम
हालांकि, फॉरेस्ट कवर घटने के पीछे भारी खनन और जनसंख्या दबाव बढ़ने को मुख्य कारण माना गया है। पश्चिम बंगाल में वन क्षेत्र बढ़ने की मुख्य वजह कामर्शियल प्लांटेशन और टी गार्डन में शेड ट्री का बढ़ा हुआ प्रचलन है।
सेटेलाइट डाटा के आधार पर वनों का संरक्षण की नीति के कारण उड़ीसा भी हरियाली को बचाने में कामयाब रहा है। यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में वन संरक्षण गतिविधियों का परिणाम अच्छा रहा है।
(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी- aftaba@ddn.amarujala.com या इस नंबर- 8392922180 पर संपर्क कर सकते हैं।)