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उत्तराखंडः बादलों ने मचाया 'कोहराम', उफान पर नदियां

Thu, 02 Jul 2015 04:12 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ Updated Thu, 02 Jul 2015 04:12 PM IST
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उत्तराखंड में कुमाऊं में तीसरे दिन भी भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। उधर, नदियों के उफान पर होने से लगातार बाढ़ का खतरा बना हुआ है। द्वाराहाट के सुरईखेत बिठोली में छत टूटने से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई।

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हल्द्वानी अल्मोड़ा एनएच समेत पूरे कुमाऊं में दर्जनों मार्ग क्षतिग्रस्त होने से छोटे-बड़े वाहन जहां-तहां फंसे पड़े हैं। अल्मोड़ा जिले में कई पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट गहराया गया है। बिजली की लाइनों को भी क्षति पहुंचने से कई गांवों में अंधेरा पसरा है।
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रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है जबकि अन्य नदियां भी उफान पर हैं। लगातार जारी बारिश से दर्जनों मकानों को भी क्षति पहुंची है।

नैनीताल जिले में हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग भवाली में मस्जिद तिराहे के पास धंसने से एनएच पर भारी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। इस दौरान यहां एक ट्रक डेढ़ सौ फुट गहरी खाई में गिर गया। चालक ने कूदकर जान बचाई।
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जिलाधिकारी दीपक रावत ने क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है। अल्मोड़ा और रानीखेत आने जाने वाले भारी वाहन अब वाया भीमताल होकर आ जा रहे हैं।

भवाली डिपो कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एनएच में भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से बुधवार को नैनीताल-देहरादून, नैनीताल-रामनगर-देहरादून और नैनीताल-मसूरी बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

अल्मोड़ा में क्षति ग्रस्त हुए 53 मकान

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अल्मोड़ा जिले में बुधवार सुबह करीब दस बजे से अपराह्न तक जोरदार बारिश हुई। मलबा आने से जिले की 35 आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं। जिले में बारिश से जिले में अब तक 35 मकानों को क्षति पहुंची है। इनमें 24 मकानों को आंशिक और 11 मकान को तीक्ष्ण क्षति हुई है।

चौखुटिया क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। अल्मोड़ा जिले में अधिकांश मोबाइल टावर और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। बागेश्वर जिले की गरुड़ तहसील क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश ब्लॉक के 84 गांवों में ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त गया है।

लाहुर, गोमती घाटी के 24 से अधिक गांवों का ब्लाक मुख्यालय से संपर्क कट गया है। भारी बारिश को देखते हुए एसडीएम ने पटवारियों से मुख्यालय में बने रहने के निर्देश दिए हैं।

पिथौरागढ़ जिले में जिले में बुधवार को लगातार तीसरे दिन बारिश जारी रही। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि ताजा सिस्टम का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। गुरुवार से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन अगले दो-तीन दिन में फिर से बारिश का क्रम शुरू हो जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद है।

ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर काशीपुर जसपुर के बीच कुंडा-हेमपुर डिपो-प्रतापपुर सड़क ग्राम नवलपुर में ढेला नदी पुल किनारे बाढ़ के पानी से कट गया। करीबन 50 गांवों का संपर्क गढ़ीनेगी कुंडा, काशीपुर से कट गया है। रामनगर से हरिद्वार देहरादून आने जाने वालों को अब काशीपुर होकर जाना पड़ेगा। जिससे करीब दस किमी दूरी बढ़ जाएगी।

खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

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अचानक तेज बारिश और बादलों से हुए अंधेरे के कारण धारचूला से एक बीमार किशोर समेत सात लोगों (दो पायलट) को लेकर देहरादून जा रहे हेलीकॉप्टर को टनकपुर के बस्तिया गांव के पास किरोड़ा रोखड़ स्थित मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

इससे पहले कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचते, हेलीकॉप्टर ने देहरादून के लिए उड़ान भर दी। बीमार किशोर के साथ उसके पिता, क्षेत्र के ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर भी गए हैं। धारचूला के खेतगांव निवासी खुशाल सिंह का बेटा जतिन (14) पिछले कुछ दिन से बीमार है।

ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर ने देहरादून पहुंचने के बाद फोन पर बताया कि यह जतिन काफी बीमार है। धारचूला के अस्पतालों में दिखाने के बाद उसे कोई फायदा नहीं हुआ तो उसे देहरादून ले जाने का फैसला लिया गया। राज्य सरकार की ओर से उसे को देहरादून तक ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कराई गई थी।

अभी उसे देहरादून के अस्पताल में दिखाने की तैयारी चल रही है। ब्लाक प्रमुख ने बताया कि राज्य सरकार ने बीमार और बुजुर्ग लोगों की मदद के लिए ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की है। इधर, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे बारिश के बीच बस्तिया गांव के पास किरोड़ा रोखड़ में अचानक एक हेलीकॉप्टर के उतरने से कौतूहल हो गया।

लोग भीगते हुए हेलीकॉप्टर देखने पहुंच गए। सूचना पर एसडीएम नरेश दुर्गापाल, तहसीलदार हरीराम और प्रभारी कोतवाल विनोद यादव मौके पर पहुंचे, लेकिन हेलीकॉप्टर देहरादून के लिए दोबारा उड़ान भर चुका था। प्रत्यक्षदर्शी ग्राम प्रधान नवीन बोहरा ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने से पायलट ने किरोड़ा रोखड़ में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

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