5 स्टार होटल रेडिसन ब्लू सील, गंगा को मैली करने की मिली सजा
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) और जिला प्रशासन ने रेडीसन ब्लू होटल सील कर दिया। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान होटल प्रबंधन सील न करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन जिला प्रशासन के कड़े रुख के सामने उसकी एक न चली।
वहीं होटल में ठहरे लोगों से अचानक कमरा खाली करवाने को लेकर खूब हंगामा हुआ। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
एनजीटी के आदेश पर शनिवार को दोपहर पौने बारह बजे होटल रेडिसन को सील करने पीसीबी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। इसमें पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर कंसल एवं एसडीएम बीर सिंह बुदियाल शामिल थे। उन्होंने होटल में पहुंचते ही होटल का किचन, लांड्री, जेनरेटर कक्ष सील करने की प्रक्रिया शुरू की।
इस दौरान होटल मैनेजर ने पूर्व में जारी हुए नोटिस का जवाब देने की बात कही और दस्तावेज भी दिखाए, लेकिन अधिकारियों ने उस पर कोई छूट नहीं दी।
दो घंटे चली कार्रवाई, काट दी गई बिजली
सील करने की प्रक्रिया के दौरान दोपहर एक बजे ऊर्जा निगम ने होटल की बिजली भी काट दी। कार्रवाई के दौरान होटल के प्रबंधन ने मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की। वहीं होटल में ठहरे लोगों ने भी खूब हंगामा किया। सिडकुल थानाध्यक्ष ऋतुराज ने यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। करीब दो घंटे चली कार्रवाई के बाद होटल को सील कर दिया गया।
यह था मामला
होटल से निकले पानी व अपशिष्ट को अपने ईटीपी प्लांट में संशोधित करने या उसे संयुक्त उत्प्रवाह संशोधन संयंत्र (सीटीईपी) में जोड़ने की बजाय नाले में बहाने को लेकर पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने होटल प्रंबंधन को कई बार नोटिस भेजा। उसके बाद मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक पहुंचा था।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से जनवरी में होटल को कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन होटल प्रबंधन ने उसका जवाब नहीं दिया।
14 मई को ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने मामले की जांच की थी, जिसमें होटल का लिक्विड अपशिष्ट नाले में गिरता मिला था। उसके बाद शुक्रवार 22 मई को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष जिलाधिकारी पेश हुए थे। एनजीटी की ओर से होटल को बंद करने के आदेश जिला प्रशासन और पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी को दिए गए थे।
जनरेटर सील करने का विरोध, लिफ्ट में फंसे गार्ड
होटल के एक मैनेजर ने जेनरेटर को सील करने का विरोध किया। उसका कहना था कि जेनरेटर का कनेक्शन कटने के बाद अधिकांश कमरों और गलियारों में अंधेरा पसर जाएगा।
लिफ्ट में फंस गए सिक्योरिटी गार्ड
दोपहर पौने बारह बजे जैसे ही जिला प्रशासन और पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने जेनरेटर कक्ष को सील किया, वैसे ही होटल में अंधेरा छा गया, गिने चुने बल्ब ही जलते रहे। वहीं जनरेटर का कनेक्शन कटते ही, लिफ्ट में करीब सात मिनट तक होटल के दो सिक्योरिटी गार्ड फंसे रहे।
कार्रवाई को बताया गलत
रेडीसन ब्लू के मैनेजर दीपक कुमार ने सीलिंग की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि होटल प्रबंधन ने हर नोटिस का जवाब दिया, लेकिन होटल का बड़ा नाम होने के कारण पहले हमारे होटल को ही निशाना बनाया गया है।
बोले अधिकारी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया था। इसके बाद अप्रैल में निरीक्षण किया गया था। होटल प्रबंधन को ईटीपी प्लांट लगाना होगा या फिर सीटीईपी से कनेक्शन लेना होगा।
-अंकुर कंसल, क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी हरिद्वार।
यात्रियों का गुस्सा, उनकी ही जुबानी
मैं शुक्रवार शाम को अपनी पत्नी के साथ होटल में पहुंचा था। मैंने होटल में दो दिन की बुकिंग की थी, लेकिन शनिवार सुबह 11 बजे कमरा खाली करने को कहा गया और पैसे भी वापस नहीं लौटाए।
-दर्शन कुमार, चंडीगढ़।
हमारा पूरा परिवार हरिद्वार ऋषिकेश घूमने के लिए आया था। शुक्रवार को दोपहर में हमने होटल के कमरे में इंट्री की थी, हमने दो कमरे लिए, लेकिन होटल प्रबंधन ने उस समय यह नहीं बताया कि शनिवार को होटल सील होगा। अचानक होटल सील करने की कार्रवाई से हमारे साथ आए बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं।
-पंकज चोपड़ा, कृष्णानगर नई दिल्ली।
मैं अपने परिवार के साथ आया था, दो कमरे लिए थे। सात हजार रुपये एडवांस जमा किए थे। अब होटल सील होने पर होटल प्रबंधन केवल सॉरी बोल रहा है। पैसे भी नहीं लौटा रहा है। एजेंट से बाकी पैसे लेने की बात कर रहा है।
-नितिन गोंबर, अंबाला।