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Dehradun News: चकराता-मसूरी हाईवे समेत पांच मार्ग बंद, कई गांवों का संपर्क कटा
Wed, 12 Aug 2026 12:08 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:08 AM IST
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पछवादून और जौनसार-बावर क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण चकराता-त्यूणी-मसूरी व दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल पांच मोटर मार्ग बंद हो गए। इससे वाहनों के पहिए थम गए और कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया। हालांकि, दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे को लोनिवि ने तुरंत खुलवा दिया, जबकि अन्य मार्गों पर मलबा हटाने का काम जारी है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुड्डो झरने के पास पहाड़ी से भारी मलबा आ गिरा, जिससे यातायात बाधित हो गया। लोनिवि (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड) के क्षेत्रीय अवर अभियंता ओमप्रकाश सेमवाल ने बताया कि मौके पर मुस्तैद टीम ने तत्काल जेसीबी की मदद से मलबा साफ कराया और वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी।
वहीं, देर शाम चकराता-त्यूणी-मसूरी हाईवे पर सिविल कोर्ट चकराता और चिरमिरी के बीच भारी भूस्खलन हुआ। मलबे के साथ विशाल बोल्डर और पेड़ गिरने से यह हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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इन गांवों का टूटा संपर्क, चार अन्य ग्रामीण मार्ग भी बंद
हाईवे बंद होने से चिरमिरी टॉप, लागापोखरी, पुरोड़ी, माख्टी बैराटखाई, नागथात, लखवाड़, यमुनापुल और मसूरी समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता बीडी डोभाल ने बताया कि टीम मौके पर मलबा हटाने में जुटी है। देर रात तक यातायात बहाल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, लोनिवि अस्थाई खंड चकराता के अंतर्गत चार अन्य ग्रामीण मार्ग भी बाधित रहे। इनमें चकराता-लाखामंडल से खबऊ, त्यूणी-कथियान से बौराड़, माखटी-पोखरी से खौरा और जेपीआरआर-156 से रडू-मुंधोल मोटर मार्ग शामिल हैं। अधिशासी अभियंता विजय कुमार मोगा ने बताया कि सभी बंद मार्गों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यमुना और टौंस का जलस्तर सामान्य
पहाड़ों पर लगातार बारिश के बावजूद विकासनगर क्षेत्र में प्रमुख यमुना और टोंस नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। यमुना नदी का वर्तमान जलस्तर 454.76 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 455.37 मीटर पर है। मंगलवार को डाकपत्थर बैराज से 28,961.02 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, टौंस नदी का वर्तमान जलस्तर 644.35 मीटर दर्ज किया गया, जो 644.75 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। नदी पर बने इच्छाड़ी बांध से 18,468.86 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
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मंगलवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुड्डो झरने के पास पहाड़ी से भारी मलबा आ गिरा, जिससे यातायात बाधित हो गया। लोनिवि (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड) के क्षेत्रीय अवर अभियंता ओमप्रकाश सेमवाल ने बताया कि मौके पर मुस्तैद टीम ने तत्काल जेसीबी की मदद से मलबा साफ कराया और वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी।
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वहीं, देर शाम चकराता-त्यूणी-मसूरी हाईवे पर सिविल कोर्ट चकराता और चिरमिरी के बीच भारी भूस्खलन हुआ। मलबे के साथ विशाल बोल्डर और पेड़ गिरने से यह हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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इन गांवों का टूटा संपर्क, चार अन्य ग्रामीण मार्ग भी बंद
हाईवे बंद होने से चिरमिरी टॉप, लागापोखरी, पुरोड़ी, माख्टी बैराटखाई, नागथात, लखवाड़, यमुनापुल और मसूरी समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता बीडी डोभाल ने बताया कि टीम मौके पर मलबा हटाने में जुटी है। देर रात तक यातायात बहाल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, लोनिवि अस्थाई खंड चकराता के अंतर्गत चार अन्य ग्रामीण मार्ग भी बाधित रहे। इनमें चकराता-लाखामंडल से खबऊ, त्यूणी-कथियान से बौराड़, माखटी-पोखरी से खौरा और जेपीआरआर-156 से रडू-मुंधोल मोटर मार्ग शामिल हैं। अधिशासी अभियंता विजय कुमार मोगा ने बताया कि सभी बंद मार्गों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यमुना और टौंस का जलस्तर सामान्य
पहाड़ों पर लगातार बारिश के बावजूद विकासनगर क्षेत्र में प्रमुख यमुना और टोंस नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। यमुना नदी का वर्तमान जलस्तर 454.76 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 455.37 मीटर पर है। मंगलवार को डाकपत्थर बैराज से 28,961.02 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, टौंस नदी का वर्तमान जलस्तर 644.35 मीटर दर्ज किया गया, जो 644.75 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। नदी पर बने इच्छाड़ी बांध से 18,468.86 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।