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गिरवी रखा सोना नहीं दिया वापस, मैनेजर समेत पांच पर केस

Tue, 27 Oct 2020 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 01:48 AM IST
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Five including company manager sued for not returning gold
देहरादून। गोल्ड लोन का सोना ग्राहक को न लौटाने के मामले में पुलिस ने मणप्पुरम फाइनेंस कंपनी के मैनेजर सहित पांच पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पूर्व इस मामले में मौजूदा प्रबंधक ने ग्राहक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अब पहले मुकदमे के मुलजिम की शिकायत पर यह मुकदमे दर्ज हुए हैं। इस मामले में पुलिस जांच के लिए चंडीगढ़ भी जा सकती है।
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मामला चकराता रोड स्थित मणप्पुरम फ ाइनेंस लिमिटेड की शाखा का है। इस मामले में अनिल तिवारी और उनकी पत्नी श्वेता तिवारी निवासी पंडितवाड़ी ने कोर्ट में शिकायत की थी। बताया था कि उन्होंने वर्ष 2016 में इस शाखा में पांच किलोग्राम सोना रखकर कारोबार के लिए एक करोड़ 65 लाख रुपये लोन लिया था। इसकी किश्तें अदा की जा रहीं थीं। इस बीच दिसंबर 2019 को उन्हें कुछ सोने की आवश्यकता हुई तो वे शाखा में गए।
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उस वक्त शाखा प्रबंधक कुलविंदर सिंह थे और सहायक प्रबंधक निशा नेगी। उनको 531.7 ग्राम सोना शाखा से लेना था, जिसके लिए 14 लाख रुपये जमा किए गए। 20 दिसंबर को क्षेत्रीय प्रबंधक चंडीगढ़ रेंज रमनजुला रेड्डी, क्षेत्रीय हेड ऑडिटर मनीकंदम व आईटी सेल अधिकारी रवि कुमार ने इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली। लेकिन, इन औपचारिकताओं में ही रात हो गई। अधिकारियों ने उनसे कहा कि वे अगले दिन आकर सोना ले जा सकते हैं। जैसे ही वे अगले दिन शाखा में पहुंचे तो बताया गया कि लॉकर से सोना गायब हो गया है। जबकि, उन्होंने हेड ऑफिस को फोन किया कि उन्होंने तिवारी दंपति को सोना दे दिया है।
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इस मामले में तिवारी दंपति ने जून 2020 को ही पुलिस में शिकायत की थी। लेकिन, उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने श्वेता तिवारी और अनिल तिवारी की शिकायतों पर उपरोक्त पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोना गिरवी रखते समय इनका रखें ध्यान
-अन्य लोन की तरह गोल्ड लोन में भी री-पेमेंट को लेकर अनुशासन जरूरी है। अगर आप निर्धारित तिथि पर भुगतान नहीं करते तो लोन देने वाला बैंक 2.3 फीसदी का जुर्माना लगा सकता है।
-अगर आप तीन से ज्यादा गोल्ड लोन की ईएमआई नहीं भरते तो जुर्माने की रकम बढ़ जाती है।
-लोन देते समय जो जिस दस्तावेज पर फ ाइनेंस कंपनी आपसे हस्ताक्षर कराती हैं, उसमें इस शर्त का जिक्र होता है कि अगर आप 90 दिनों तक लोन की ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो ग्रेस पीरियड के बाद अपनी बकाया रकम की वसूली के लिए बैंक आपका गिरवी रखा सोना बेच सकता है।
-फ ाइनेंस कंपनियां लोन देते समय प्रॉसेसिंग फीस लेती हैं। प्री-पेमेंट करने पर जुर्माना लगाती हैं। प्रॉसेसिंग फीस, लोन की रकम की अधिकतम 0.5 से 2 फीसदी तक हो सकती है।

-कुछ बैंक वैल्यूएशन चार्ज के नाम पर भी पैसे लेते हैं यानी सोने की गुणवत्ता जांचने में किए गए खर्च के नाम पर फीस वसूलते हैं। लोन के लिए आवेदन करने से पहले इसका भी पता कर लें।
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