पहली बार: वार मेमोरियल के लिए सेना दी जमीन
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उत्तराखंड राज्य के शहीद सैनिकों के सम्मान में बनने वाले पहले स्टेट वॉर मेमोरियल के लिए रक्षा मंत्रालय ने भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दे दी है। रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने देहरादून से दिल्ली लौटते ही मंगलवार को सेना से कैंट बोर्ड को भूमि हस्तांतरित करने की फाइल पर लिए अपनी मुहर लगा दी। मंगलवार को राष्ट्रीय मिलिट्री कॉलेज की ग्रेजुएशन सेरेमनी में रक्षा मंत्री ने भूमि देने की बात कही थी।
बनेगा देश का पहला युद्ध स्मारक
प्रदेश के 1478 शहीद सैनिकों के सम्मान के लिए वॉर मेमोरियल नहीं होने पर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। प्रदेश सरकार तो स्टेट वॉर मेमोरियल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवा पाई, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने सेना की चीड़ बाग स्थित भूमि पर निर्माण की अनुमति दे दी है।
भाजपा सांसद तरुण विजय के प्रयास से रक्षा मंत्रालय ने न केवल भूमि के लिए स्वीकृति दी, बल्कि खुद रक्षामंत्री ने शौर्य स्थल का शिलान्यास करने के लिए अगले माह दून आने की बात कही।
पहली बार युद्ध स्मारक में सांसद निधि, ली विशेष अनुमति
कैंट बोर्ड ने वॉर मेमोरियल के लिए 6 एकड़ और म्यूजियम व सभागार बनाने के लिए 9 एकड़ भूमि मांगी थी, ताकि राष्ट्रभक्ति की फिल्में दिखाई जा सकें। लेकिन सेना इतनी अधिक भूमि देने को तैयार नहीं हुई। फिलहाल 6 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने की ही स्वीकृति मिली है। इसे गढ़ी कैंट बोर्ड को हस्तांतरित किया जाएगा।
सांसद निधि से दो करोड़
सांसद निधि से युद्ध स्मारक निर्माण का भी यह देश में पहला मामला है। राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने अपनी सांसद निधि से दो करोड़ की धनराशि इस युद्ध स्मारक के लिए दी है। कई वर्षों से वे प्रदेश के शहीदों के लिए युद्ध स्मारक बनाने का प्रयास कर रहे थे। सांसद निधि के इस अन्यत्र इस्तेमाल के लिए बाकायदा विशेष अनुमति ली गई है।
बोले सांसद
रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने उत्तराखंड के पहले स्टेट वॉर मेमोरियल के लिए भूमि हस्तांतरण को अनुमोदित कर दिया है। प्रदेश के वीर सैनिकों के लिए यह गर्व की बात है। प्रोजेक्ट को रक्षामंत्री की क्लियरेंस मिलने से अब चीड़ बाग में वॉर मेमोरियल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए मैं सांसद निधि से दो करोड़ रुपये दे रहा हूं। इसके अलावा हम राज्य सरकार से भी सहयोग लेंगे।
-तरुण विजय, सांसद राज्यसभा