बदरीनाथ में सीजन की पहली बर्फबारी, पर्यटकों के चेहरे खिले
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गोपेश्वर जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। राज्य के निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से समूचा उत्तराखंड शीतलहर की चपेट में आ गया है। बदरीनाथ धाम में डेढ़ इंच और हेमकुंड साहिब में करीब दो इंच तक बर्फ गिरी है।
नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, गोरसों बुग्याल, चोपता बुग्याल, लाल माटी और जोशीमठ के समीप की चोटियों पर भी बर्फबारी हुई। औली में आंशिक बर्फबारी हुई। कड़ाके की ठंड में लोग घरों में दुबके रहे। जिले में सुबह धूप खिली हुई थी। 11 बजे के बाद आसमान में बादल छा गए। जोशीमठ, गोपेश्वर, नंदप्रयाग, पोखरी, घाट, पीपलकोटी में बारिश होने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
बारिश और बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट आई है। रविवार शाम पांच बजे जोशीमठ का तापमान अधिकतम नौ और न्यूनतम माइनेस दो डिग्री और गोपेश्वर में अधिकतम 11 और न्यूनतम 3 डिग्री रहा। जोशीमठ निवासी अतुल सती का कहना है कि आशा के अनुरूप बर्फबारी नहीं हुई है। थर्टी फर्स्ट से पहले जमकर बर्फबारी होती है तो पर्यटकों की तादात भी बढ़ेगी।
सेब काश्तकारों के चेहरे खिले
जोशीमठ में बारिश और बर्फबारी से सेब काश्तकारों के चेहरे खिल गए हैं। इन दिनों सेब का पौधरोपण हो रहा है। इस दौरान बर्फबारी बेहद जरूरी है। सेब काश्तकार बादर सिंह, नरेंद्र सिंह, उमराव सिंह और लक्ष्मण सिंह का कहना है कि रविवार को हुई बर्फबारी सेब की सफल के लिए खाद का काम करेगी। उन्होंने कहा कि आगे भी बर्फबारी जारी रही तो सेब की अच्छी पैदावार हाथ लगेगी। वहीं, निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल के लिए बारिश को शुभ माना जा रहा है।
केदारनाथ, दुगलबिट्टा, तुंगनाथ में हुई बर्फबारी, निचले क्षेत्रों में बारिश
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ में शनिवार देर रात से रुक-रुककर हल्की बर्फबारी हो रही है। यहां दो इंच के करीब बर्फ जम चुकी है। कपाट बंद होने के बाद धाम में यह पहली बर्फबारी है। केदारपुरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां दिन का तापमान भी माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया है।
इधर, रविवार को जनपद के पर्यटक स्थल चोपता, दुगलबिट्टा, तुंगनाथ, हरियाली डांडा, मद्महेश्वर, गौंडार, तोषी और त्रियुगीनारायण गांव की ऊंचाई वाली पहाड़ियों में भी जमकर हिमपात हुआ है। इस दौरान सुबह प्रात: 11 बजे के बाद से रुदप्रयाग सहित अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश शुरू हुई, जो शाम तक रुक-रुककर होती रही। कुछ इलाकों में 40 मिनट से सवा घंटे तक तेज बारिश भी हुई।
बर्फबारी और बारिश से पूरे जिले में शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है। मौसम खराब होने का असर बाजारों में भी देखने को मिला। रुद्रप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों के बाजारों में दोपहर बाद चहल-कदमी कम रही। दूसरी तरफ बारिश से किसानों ने भी राहत की सांस ली है। इधर, जिलाधिकारी ने मौसम को देखते हुए नगर पालिका, नगर पंचायत को अलाव की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
क्रिसमस पर ऊंची चोटियों को मिली बर्फबारी की सौगात
विकासनगर में क्रिसमस पर्व पर जौनसार बावर की चोटियों को गिफ्ट में बर्फबारी की सौगात मिल गई। रविवार को खंडबा, मुंडाली, देववन, देवती, बौगीधार, मोल्टा, लोखंडी समेत कई चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ हालांकि, चकराता को इससे महरूम रहना पड़ा। दूर से ही बर्फ से लकदक चोटियां खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
उधर, चकराता को भले ही बर्फबारी की सौगात न मिली हो लेकिन यहां करीब दो घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। करीब तीन मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई। रविवार को चकराता का न्यूनतम पारा -01 डिग्री रिकार्ड किया गया। शाम को चली ठंडी हवाओं ने लोगों की कपकपी छुड़ा दी। घरों और दुकानों में हीटर जल उठे। शाम ढलते ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। दोपहर के समय बारिश के चलते पर्यटक होटल में ही कैद रहे। चकराता और आसपास के इलाकों में सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बारिश का दौर जारी रहा।
उधर, विकासनगर समेत आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। सुबह के समय डाकपत्थर और आसपास छुटपुट बूंदाबांदी हुई। इसके बाद दोपहर के समय बादल छटना शुरू हो गया। लेकिन शाम ढलने के साथ ही एक बार फिर बादलों ने आसमान को अपने आगोश में ले लिया। शाम के समय बाजार में हीटर और अलाव जल उठे। विकासनगर का अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 07 डिग्री रिकार्ड किया गया।