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गैरसैंण विधानसभाः पहले दिन खुली व्यवस्थाओं की पोल
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 10 Jun 2014 10:25 AM IST
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सोमवार को उत्तराखंड विधानसभा का सत्र गैरसैंण में आयोजित हो तो गया, लेकिन सत्र के पहले दिन ही व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
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सत्र में प्रश्नकाल शांतिपूर्वक चला। इस दौरान आपदा पर चर्चा हुई। इसके साथ ही विपक्ष ने आपदा पर प्रदेश सरकार से हिसाब मांगा।
इस दौरान आप और वामपंथी पार्टियों ने गैंणसैण में विधानसभा सत्र शुरू होने के विरोध में प्रदर्शन भी किया।
विधायकों का गर्मी से बुरा हाल
विधानसभा सत्र के पहले दिन सुरेंद्र राकेश, सुरेंद्र नेगी, प्रीतम सिंह पंवार और अमृता रावत नहीं पहुंचे। सत्र के दौरान विधायकों का गर्मी से बुरा हाल रहा, जिस कारण कई विधायक बैठक के बीच में बार-बार टेंट से बाहर आए।
उत्तराखंड गठन के बाद यह पहला मौका है जब विधानसभा का सत्र देहरादून से दूर गैरसैंण में हो रहा है। सोमवार से तीन दिनों का सत्र गैरसैंण में शुरू हो गया है।
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सत्र को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। शुरू में इस सत्र को भव्य बनाने की योजना थी जिसे विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के हस्तक्षेप के बाद सीमित किया गया।
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फिजूलखर्ची से बचने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विधायकों ने कार से पहुंचना का फैसला लिया है। भाजपा इस सत्र को राजनीतिक स्टंट बता रही है।
कुमाऊं के रास्ते सीएम निकले सीएम
गैरसैंण पहुंचने के लिए रविवार की सुबह मुख्यमंत्री कुमाऊं (अल्मोड़ा) के रास्ते और मुख्य सचिव सुभाष कुमार देहरादून से सड़क मार्ग से रवाना हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने रास्ते में कई जगहों पर रुककर सड़क मार्ग के साथ स्थानीय लोगों की दिक्कतें भी जानी। अल्मोड़ा से गैरसैंण के बीच कई जगहों पर मुख्यमंत्री का स्वागत भी हुआ।
मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
शाम को मुख्यमंत्री ने गैरसैंण पहुंच कर तैयारियों को जायजा भी लिया। जबकि सीएस रात कर्णप्रयाग में रुककर सुबह गैरसैंण पहुंचेंगे। प्रेस गैलेरी पंखो की व्यवस्था भी नहीं की गई है।