हरिद्वार: लव मैरिज करने पर 11 साल बाद बहन और जीजा पर फायरिंग करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
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गैर बिरादरी के युवक से प्रेम विवाह करने पर तीन भाइयों ने ही दोस्तों के साथ मिलकर बहन और जीजा पर फायरिंग की थी। सिडकुल पुलिस और सीआईयू ने दंपति पर हुए कातिलाना हमले से पर्दा उठाते हुए वारदात में शामिल रहे दो आरोपियों को धर दबोचा, जबकि तीनों सगे भाई और उनका एक दोस्त अभी भी फरार चल रहे हैं। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
नौ मार्च को सिडकुल की हैवल्स कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत मोनिका और उसके पति मांगेराम पर उस समय गोलियां बरसाई गई थी जब वह फैक्ट्री से घर जाने के लिए निकले थे।
पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया था कि दो मोटरसाइकिल पर सवार चार की संख्या में रहे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक मोटरसाइकिल का नंबर सही मिलने पर वारदात का परत दर परत खुलासा होता गया।
मंगलवार को एएसपी आयुष अग्रवाल ने सिडकुल थाने में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बहादराबाद तिराहे से वारदात में शामिल अंकुश गोस्वामी पुत्र रामफल निवासी खासपुर चांदीनगर बागपत यूपी और सूरज पुत्र रामफल निवासी ललियाना चांदीनगर बागपत यूपी को पकड़ लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गौरव त्यागी पुत्र रविदत्त त्यागी निवासी गांव चमरावल चांदी नगर बागपत यूपी, उसके भाई आशु, मोनू ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
एएसपी ने बताया कि मोनिका गौरव की सगी बहन है और उसने गैर बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले मांगेराम से प्रेम विवाह किया था। गैर बिरादरी में प्रेम विवाह करने से क्षुब्ध तीनों भाइयों ने अपने साथियों के साथ मिलकर बहन और जीजा की हत्या करने की योजना बनाई थी।
दंपति पर तीनों भाईयों और उनके दोस्त ने ही गोलियां चलाई थी। उन्होंने हत्थे चढ़े युवकों को वारदात के बाद मोटी रकम देने का भरोसा भी दिलाया था। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। एएसपी की मानें तो अंकुश नौवीं तक पढ़ा लिखा है जबकि सूरज स्नातक का छात्र है। इस दौरान एसओ देवराज शर्मा, सीआईयू प्रभारी राजीव चौहान मौजूद रहे।
ऐसे हुआ था प्रेम विवाह
मुजफ्फरनगर के गांव जड़बड़ ककरौली के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर मांगेराम की मेरठ जेल में बंद रहने के दौरान मोनिका के फुफेरे भाई सुशील से मुलाकात हुई थी। जमानत पर छूटने के बाद सुशील त्यागी के घर आने जाने के दौरान उसकी मुलाकात मोनिका से हुई थी और धीरे धीरे मुलाकात प्रेम प्रसंग में बदल गया।
बुआ के घर रहकर पढ़ाई कर रही मोनिका ने भी घर से फरार होकर मांगेराम से प्रेम विवाह कर लिया था। यह बात वर्ष 2008 की है। तब उसके तीनों भाई उम्र में काफी छोटे थे। मोनिका की चार बहनें और तीन भाई हैं। हिस्ट्रीशीटर मांगेराम पर मेरठ और मुजफ्फरनगर में हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर से लेकर कई विभिन्न संगीन वारदातों के 18 मुकदमे दर्ज हैं।
रैकी कर दिया वारदात को अंजाम
बहन और जीजा की हत्या करने की ठान चुके तीन भाइयों में से एक अधिवक्ता है जबकि दो औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत है। फरवरी माह में भी उन्होंने यहां पहुंचकर हत्या करनी चाही थी लेकिन कामयाब नहीं हो सके थे। असफल रहने के बाद एक भाई गौरव त्यागी ने अपने साथी अंकुश के संग यहां कस्बा बहादराबाद में किराये पर कमरा ले लिया था और तब से वह लगातार रैकी कर रहे थे। रैकी करने के बाद ही उन्होंने बाकी सभी को वारदात को अंजाम देने के लिए सात मार्च को यहां बुलाया था।