{"_id":"6b45f75aa6dbce3378df338438fb03e6","slug":"fire-in-the-air-rivers-mafia","type":"story","status":"publish","title_hn":"हवा में फायर, नदियों में माफिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हवा में फायर, नदियों में माफिया
देहरादून/बिशन सिंह बोरा
Updated Sun, 18 Aug 2013 06:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद दून की नदियों से अवैध खनन न रुका न ही अफसरों को दिखा, अफसर इसे देखते भी कैसे करोड़ों के इस धंधे को पनपाने के पीछे पूरा सिस्टम जो बना हुआ है।
विज्ञापन
कहां, कब और किस समय खनन होना है इसकी पूरी जानकारी दी जाती है। खनन माफियाओं का राज दून की नदियों पर कायम है।
यह हाल तब है जबकि हाल ही में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन इस निर्देश के बाद इक्का दुक्का मामलों को यदि छोड़ दे तो संबंधित विभागों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
ऐसे में लगातार नदियों का सीना चीरे जाने से संबंधित क्षेत्र के लोगों को भूमि कटाव से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा तेज रफ्तार वाहन दौड़ाए जाने से दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
तड़के सुबह और देर रात होता है खनन
खनन पर रोक के जिलाधिकारी के निर्देश के बाद खनन माफियाओं के खिलाफ भले कार्रवाई न हुई हो, लेकिन खनन माफियाओं ने खनन का अपना समय जरूर बदल लिया है। सुबह चार बजे से नौ बजे और शाम चार बजे से रात नौ बजे तक खनन हो रहा है।
हवा में फायर की और भगा दिया खनन माफियाओं को
वन विभाग, पुलिस और खनन विभाग के अधिकारी खनन माफियाओं पर हाथ डालने से डरते हैं। ऊंची राजनीतिक पहुंच के चलते खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती।
कार्रवाई के बजाए खनन माफियाओं को भगा दिया जाता है। हाल में राजाजी राष्ट्रीय पार्क की सुसवा नदी में नागल ज्वालापुर और सौंग नदी फतेहपुर में इसी तरह के मामले सामने आए।
नदी में खनन हो रहा था। ऐसे में इन्हें पकड़ने के बजाए मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हवा में फायर कर खनन माफियाओं को भगा दिया।
यहां हो रहा खनन
राजाजी राष्ट्रीय पार्क की सुसवा नदी में नौका, खट्टापानी, दूधली, नागल ज्वालापुर, सिमलास, बुल्लावाला, सौंग नदी में खैरी, झबरावाला, कुडकावाला, धर्मूचक्र, शेरगढ़, कालूवाला, फतेहपुर, जाखन, माजरी, लच्छीवाला।
पीएसी लगे तो बने बात
अवैध खनन को रोकने के लिए यदि जगह-जगह पीएसी को तैनात किया जाए तो इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
इनकी भी सुनिए
इक्का दुक्का नहीं बल्कि पूरे जनपद में पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन हो रहा है। खनन के लिए पूरा सिस्टम बना हुआ है। यही कारण है कि खनन माफिया रात दिन नदियों का सीना चीर रहे हैं, लेकिन पकड़ा कोई नही जाता।
-शिव प्रसाद देवली, जिला पंचायत उपाध्यक्ष