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उत्तराखंड: फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी कर रहे पांच शिक्षकों पर एफआईआर, पांचों निलंबित

Thu, 06 Feb 2020 10:14 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 06 Feb 2020 10:14 AM IST
सार

  • एसआईटी की टीम ने किया खुलासा, छह अन्य के खिलाफ भी होगी कार्रवाई 

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FIR on Five Government Teachers and Suspended for Doing Job on Fake Degree in rudraprayag
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में बीएड की फर्जी डिग्री से नियुक्ति पाने के मामले में एसआईटी की गिरफ्त में आए रुद्रप्रयाग के 11 शिक्षकों में से पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं, छह के खिलाफ निदेशालय से लिखित आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। 

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बीते माह एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने फर्जी डिग्री से नियुक्ति के मामले में रुद्रप्रयाग जनपद के 11 शिक्षकों को पकड़ा था। एसआईटी द्वारा इन शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विभाग से सिफारिश की गई थी।
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इन सभी शिक्षकों ने 1994 से 2005 के बीच अपनी बीएड की डिग्री जमा कराई थी, लेकिन चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में इन वर्षों के सत्र में उनकी डिग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके आधार पर इनकी डिग्री को फर्जी करार दिया गया। 
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सात और शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के बारे में जानकारी मांगी

बीते एक माह में निदेशालय स्तर पर फर्जी डिग्री से नियुक्ति के मामले में पकड़े गए इन शिक्षकों के खिलाफ पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं। अब पांच शिक्षक कांति प्रसाद भट्ट, माया बिष्ट, विजय सिंह, राकेश सिंह और महेंद्र सिंह के खिलाफ विभाग ने जरूरी कार्रवाई पूरी करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

डीईओ बेसिक डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि शेष छह शिक्षकों के मामले में निदेशालय से लिखित आदेश प्राप्त होते ही कानूनी कार्रवाई के साथ निलंबन की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

इधर, सूत्रों की मानें तो शिक्षा निदेशालय ने जनपद से सात और शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के बारे में भी जानकारी मांगी है। विभाग द्वारा संबंधित खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से जानकारी मांगी जा रही है। बताया जा रहा है कि बीएड की फर्जी डिग्री समेत अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्रों के मामले में ये शिक्षक शक के दायरे में हैं।

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