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दवा घोटाले में CBI दर्ज करेगी FIR
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Feb 2015 09:35 AM IST
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रुड़की एक्सपायरी दवा घोटाले में शासन से जांच संबंधित औपचारिकता पूरी करने के बाद सीबीआई ने गृह मंत्रालय से एफआईआर दर्ज करने के लिए अनुमति मांगी है।
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वर्ष 2008-09 में रुड़की ड्रग वेयरहाउस में मिली एक्सपायरी दवाओं की खेप मिली थी, जिसके बाद विभागीय और शासन स्तर पर हुई जांच में घोटाले की राशि करोड़ों में निकल कर आई।
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सूचना आयोग के निर्देश पर सरकार ने मामले की जांच केलिए सीबीआई से सिफारिश की थी। सीबीआई प्रारंभिक जांच संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के रिप्रोडेक्टिव चाइल्ड केयर (आरसीएच) कार्यक्रम के तहत वर्ष 2008-09 में 14.7 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ, जिसमें लगभग साढ़े ग्यारह करोड़ रुपये की दवा खरीद हुई।
खरीदी गई दवाएं सभी जनपदों में बांटी जानी थी, लेकिन रुड़की ड्रग वेयर हाउस में 22 लाख रुपये की एक्सपायर्ड दवाओं की खेप मिली। मामले में अब तक शासन व विभाग स्तर पर कई बार जांच हो चुकी है, लेकिन अब भी किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई।
दिसंबर 2013 में सूचना आयुक्त अनिल शर्मा ने सूचना के अधिकार में मामले से संबंधित लगी एक अपील पर सीबीआई जांच की सिफारिश मुख्य सचिव को भेजी। सीबीआई ने जनवरी में मामले की प्रारंभिक पड़ताल कर शासन स्तर पर तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
एक पूर्व डीजी है जांच के घेरे में
मामले में एक पूर्व डीजी सहित पांच सीएमओ और दर्जन भर अन्य अधिकारी कर्मचारी जांच के घेरे में हैं।
अप्रैल 2013 में लोकायुक्त के निर्देश पर तत्कालीन एनआरएचएम निदेशक व अपर सचिव स्वास्थ्य पीयूष सिंह ने जांच में तत्कालीन संयुक्त निदेशक (आरसीएच) सहित पांच सीएमओ सहित दर्जन भर अन्य कर्मचारियों के खिलाफ 1.21 करोड़ की अनियमितता का दोषी पाया।
जांच में दोषियों से रिकवरी की सिफारिश की है, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। अब सीबीआई मामले में मुकदमा कायम कर दोबारा पड़ताल शुरू करेगी।