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सरोवर नगरी को गंदा किया तो देना पड़ेगा जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:28 PM IST
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naini lake
- फोटो : file photo
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नैनी झील को प्रदूषित करने और सरोवर नगरी में कचरा फैलाने वालों की अब खैर नहीं। यदि कोई नैनी झील को प्रदूषित करता है या फिर शहर में कचरा फैलाता है तो लेक वार्डन उससे मौके पर ही 250 रुपये का जुर्माना वसूलेंगे। इसके लिए पालिका परिषद ने 27 लेक वार्डनों को नियुक्त कर दिया है।
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आयुक्त कुमाऊं मंडल चंद्रशेखर भट्ट के निर्देशों के बाद नगर पालिका सभागार में शुक्रवार को वरिष्ठ सभासद डीएन भट्ट की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लेक वार्डनों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र, चालान बुक और अन्य सामग्री दी गई। पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा ने बताया नगर को स्वच्छ बनाये रखने के लिए पालिका प्रशासन मालरोड समेत अन्य क्षेत्रों में 30 पीकदान भी लगा रहा है।
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उन्होंने बताया कि ठोस कूड़ा प्रबंधन के तहत कचरा फैलाने वालों से 200 से 5,000 रुपये तक का अर्थ दंड वसूलने के साथ ही सजा का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया लेक वार्डन किसी भी राजनैतिक दल से संबद्ध नहीं होंगे। बैठक में सभासद नीतू बोरा, लेक वार्डन राजीव लोचन साह, सुखमय मजूमदार, नंदराज साह, मुन्नी तिवारी, चंचल बिष्ट, प्रेम कुमार शर्मा, रविन्द्र शाही, जितेन्द्र राणा, हंसराज साह, गीता पांडे, एसआई कुलदीप कुमार आदि थे।
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कांपेक्टर से कूड़ा निस्तारण करने वाली पालिका बनी नैनीताल
नगरपालिका परिषद नैनीताल देश के पर्वतीय क्षेत्रों की ऐसी पहली नगरपालिका बन गई है जहां कांपेक्टर के माध्यम से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। यह दावा पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा ने किया है। शर्मा के मुताबिक वर्तमान में पालिका के पास तीन कांपेक्टर मौजूद हैं। इनके माध्यम से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है।
शर्मा के मुताबिक कांपेक्टर का प्रयोग करने से पहले पालिका को कचरा निस्तारण में प्रतिदिन 80 हजार रुपये वहन करना पड़ता था, लेकिन अब यह खर्च में पूर्व के खर्च का चौथाई हिस्सा ही रह गया है। इससे पालिका पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ में काफी कमी आई है।