केदारनाथ के बाद अब घाट में आई भीषण आपदा, राहत और बचाव कार्य में जुटी रेस्क्यू टीम!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में केदारनाथ धाम आपद के बाद अब घाट में आपदा आ गई है। आपदा की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू के लिए रवाना हुई।
इस दौरान वहां से बड़ी संख्या में शवों को निकाला गया। जबकि रेस्क्यू अभी भी जारी है। दरअसल यह सब हुआ आपदा न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से की गई मॉकड्रिल में।
शुक्रवार को मॉकड्रिल के तहत जिला आपदा कंट्रोल रुम से सुबह दस बजे तहसील घाट क्षेत्र में भारी बारिश के कारण घाट-भेंटी सड़क और पटवारी चौकी के पास आवासीय मकानों के भूस्खलन की चपेट में आने से कुछ लोगों के दबने की सूचना मिली।
घाट क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण वायरलेस सेट के माध्यम से अधिकारियों ने एक दूसरे से संपर्क किया। तहसील स्तरीय सभी नोडल अधिकारी तहसील कंट्रोल रुम घाट में एकत्रित हुए।
रेस्क्यू टीमें आपदा घटित होने के बीस मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची। और मलबे में दबे पांच ग्रामीणों को रेस्क्यू किया गया। जिनमें से दो घायलों को सीएचसी घाट भेजा गया, जबकि तीन का मौके पर ही मेडिकल टीम द्वारा उपचार किया गया।
ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए कहा गया। इंसीडेंट कमांडर एसडीएम घाट ने रेस्क्यू की मॉनेटरिंग की। रेस्क्यू टीमों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य किया।
डीएम आशीष जोशी, लाजिस्टिक ऑफिसर सीडीओ विनोद गोस्वामी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने रेस्क्यू टीमों और नोडल अधिकारियों को मॉकड्रिल अभ्यास के दौरान उनके अनुभवों को जाना। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख करन सिंह नेगी, उस्तोली प्रधान संध्या देवराड़ी, व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन सिंह रावत, दिलवर सिंह, एसडीएम घाट सीएस डोभाल, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड आदि मौजूद थे।