उत्तराखंडः फीस बढ़ाने के विरोध में आंदोलनरत छात्र देंगे विधायकों के घरों पर दस्तक
- आयुर्वेदिक छात्रों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने संभाला मोर्चा
- हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखेंगे पत्र
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फीस बढ़ाने के विरोध में आंदोलनरत छात्रों का साथ अब कांग्रेस देगी। इसके लिए कांग्रेस ने अपने युवा और छात्र संगठन को मोर्चे पर डटने को कहा है। इन दोनों संगठनों ने भी विरोध कार्यक्रम जारी कर दिया है।
पहले चरण में ये दोनों संगठन छात्रों के साथ मिलकर 14 और 15 नवंबर को प्रदेश के सभी विधायकों से संपर्क करेंगे। इसके बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर फीस वृद्धि को वापस लेने के लिए सरकार को निर्देशित करने का आग्रह करेंगे।
प्रबंधक हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहे
सोमवार को राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे मनीष खंडूरी और पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने कहा कि आयुर्वेदिक और आयुष संस्थानों के प्रबंधक हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहे हैं। फीस में बेतहाशा वृद्धि का विरोध कर रहे आंदोलनरत छात्रों को धमकाया जा रहा है।
हाईकोर्ट स्पष्ट कह चुका है कि छात्रों से बढ़ी हुई फीस न ली जाए। इसके बाद भी संस्थानों के मालिकों के दबाव मेें छात्रों से बढ़ी हुई फीस वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में 14 व 15 नवंबर को प्रदेश के सभी 70 विधायकों के घर पर जाकर उनसे फीस वृद्धि को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कोर्ट से अपने आदेश का पालन कराने के लिए सरकार को निर्देशित करने का आग्रह किया जाएगा।
नियमों का पालन हो तो कोई गुरेज नहीं
दोनों संगठनों के नेताओं के मुताबिक शुल्क निर्धारण कमेटी अगर नियम के अधीन फीस बढ़ाती है तो विरोध नहीं किया जाता। खुद हाईकोर्ट यह कह चुका है कि किसी भी तरह से फीस 80 हजार से अधिक नहीं हो सकती। दोनों संगठनों के मुताबिक शुल्क निर्धारण कमेटी का गठन ही गलत तरीके से हुआ है।
छात्रों ने गांधी फिल्म देगी और प्रेरणा ली
दून में आंदोलनरत छात्रों ने गांधी फिल्म देखी और अहिंसक विरोध जारी रखने का फैसला किया। एक अनशनकारी छात्र की तबीयत बिगड़ी तो छात्रों ने खुद एंबुलेंस बुलाकर छात्र को अस्पताल पहुंचाया।
छात्रों ने भीख मांग सरकार को भेजे पैसे
फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने सोमवार को भीख मांगकर प्रदेश सरकार को पैसे भेजे। उन्होंने मार्च निकालकर एचएनबी गढ़वाल विवि प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया उसके बाद उच्च शिक्षामंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नाम ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी जब तक बढ़ाई गई फीस वापस नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। इधर, छात्रों ने मंगलवार से क्रमिक अनशन करने की योजना बनाई है।
इससे पहले विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य कॉलेज मैदान में एकत्रित हुए, जहां से सभी ने भीख मांगते हुए गांधी पार्क तक पैदल मार्च निकाला। वहां उन्हें पुलिस और प्रशासन ने रोक लिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ने उनसे ज्ञापन लिया। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि पहले महाविद्यालयों से संबद्धता शुल्क नहीं लिया जाता था। लेकिन, अब 1200 रुपये लिया जा रहा है।
इसके विरोध में छात्र भीख मांगकर सरकार को पैसे भेज रहे हैं। ताकि, सरकार यह शुल्क वृद्धि वापस ले। इस अवसर पर छात्रसंघ अध्यक्ष निखिल शर्मा, महासचिव नीरज चौहान, उपाध्यक्ष पारितोष, विवि प्रतिनिधि राजेश भट्ट, कोषाध्यक्ष ऋषिमोहन चौहान, विनीत प्रसाद भट्ट, जितेंद्र बिष्ट, सौरभ ममगईं, कपिल शर्मा, आदित्य बिष्ट, हिमांशु रावत आदि मौजूद रहे।
इधर, छात्रों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर 12 नवंबर मंगलवार से क्रमिक अनशन करने को कहा है। छात्र मंगलवार और बुधवार को क्रमिक अनशन करेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। इस मामले को लेकर छात्रों के कई संगठन अब लामबंद हो चुके हैं।
आईडी और मार्कशीट की प्रतियां जलाई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के बैनर तले सोमवार को डीएवी पीजी कॉलेज में विवि की ओर से लिए गए फीस वृद्धि के निर्णय के खिलाफ पहचानपत्र और मार्कशीट की प्रतियां जलाईं गई। इस अवसर पर अध्यक्ष राहुल चौहान, दयाल बिष्ट, विपिन भट्ट, सूरत चंद, अभी सिंह, पवन गुप्ता, सागर सोनकर आदि मौजूद रहे।