टोल प्लाजा पर अब रसीद कटवाने का झंझट खत्म, खुद ही कट जाएगा टैक्स का पैसा, जानिए कैसे
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टोल प्लाजा पर टैक्स भरने के लिए रसीद कटने का इंतजार करने के झंझट से अब मुक्ति मिल जाएगी। ऐसा करने से खुद ही टैक्स कट जाएगा और आपको जाम में भी नहीं फसना पड़ेगा। जानिए कैसे...
परिवहन निगम प्रबंधन ने बसों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) तकनीक से युक्त फास्ट टैग से लैस करना शुरू कर दिया है। ऐसे में टोल प्लाजा पर बसों को लाइन लगाने और रसीद कटाने का झंझट खत्म हो जाएगा।
इसके अलावा निगम अधिकारियों को भरोसा है कि जब सभी बसों में फास्ट टैग लगा जाएगा, तो हर महीने करीब सात से आठ लाख रुपये तक राजस्व की बचत भी होगी। अभी यह टैग देहरादून से संचालित होने वाली 350 बसों में लगाया गया है।
परिवहन निगम की 1100 बसों का बेड़ा संचालित होता है। इसमें दिल्ली, पंजाब, बरेली आदि रूटों पर स्थित टोल प्लाजा में हर महीने करीब 50 लाख टोल टैक्स जमा करना होता है। टैक्स जमा करने में बसों को लाइन में लगना होता था, इसके अलावा कई बार निश्चित समय में वापस यात्रा करने पर 50 प्रतिशत छूट का लाभ टोल प्लाजा से नहीं मिल पाता है। ऐसे में रोडवेज ने आरएफआईडी तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।
इसके तहत आरएफआईडी से युक्त एक चिप बस में लगा दी जाती है। चिप लगे वाहनों के लिए टोल प्लाजा में विशेष लाइन होती है। इस चिप में दर्ज सूचनाओं को रीडर नामक उपकरण पढ़ लेता है और स्वत: ही टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम से राशि कट जाती है। इस सुविधा के लिए टोल प्लाजा संचालित करने वाली कंपनी के खाते में रोडवेज हर महीने एक निश्चित राशि जमा करेगा।
अभी देहरादून स्थित विभिन्न डिपो से चलने वाली साढ़े तीन सौ बसों में फास्ट टैग चिप लगाई गई है। जल्द ही पूरे प्रदेश के सभी बसों में यह टैग लगेगा। इस माध्यम से टैक्स जमा करने पर 100 रुपये की जगह केवल 92 रुपये 50 पैसे देने की छूट मिलेगी।
इसके अलावा 24 घंटे में वापस होने पर टैक्स आधा पडे़गा। जब सभी बसों में फास्ट टैग लगा जाएगा, तो अनुमान है कि इससे हर महीने करीब आठ लाख तक राजस्व की बचत होगी। टोल टैक्स से जुड़ी राशि संबंधित टोल प्लाजा संचालित करने वाली कंपनी को ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से भुगतान किया जाता रहेगा।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन