किसान आंदोलन: दिल्ली हिंसा के बाद भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा
- किसान आंदोलन से संगठन के अलग होने को गलत करार दिया
- गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर घटित घटना की निंदा की
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भारतीय किसान यूनियन (भानू) के दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से खुद को अलग करने के बाद उत्तराखंड के नेताओं ने हतोत्साहित होकर संगठन छोड़ दिया है। प्रदेश अध्यक्ष सुखवंत सिंह भुल्लर समेत कार्यकारिणी के प्रदेश, कुमाऊं, जिला और ब्लॉक स्तरीय किसान नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश अध्यक्ष भुल्लर ने संगठन के किसान आंदोलन से अलग होने के फैसले को गलत करार दिया। कहा कि वह किसानों के हक के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
शुक्रवार को दड़हा गांव के गुरुद्वारा परिसर में किसान नेताओं ने बैठक की। इसमें भाकियू के भानु गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुखवंत सिंह भुल्लर, प्रदेश उपाध्यक्ष जसवीर सिंह, कुमाऊं मंडल के उपाध्यक्ष अमृतपाल सिंह मान, जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह मोमी, युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अतिंदरपाल सिंह भुल्लर, युवा जिलाध्यक्ष गुरसेवक सिंह औलख, खटीमा के ब्लॉक अध्यक्ष सुखदेव सिंह चीमा और सितारगंज के ब्लॉक अध्यक्ष कमलदीप सिंह उप्पल ने अपने पदों से इस्तीफा देकर संगठन छोड़ दिया।
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प्रदेश अध्यक्ष रहे भुल्लर ने बताया कि अभी वह किसी भी संगठन से नहीं जुड़ रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों के हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने भानु संगठन के खुद को किसान आंदोलन से अलग होने के कदम को गलत बताया। साथ ही गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर घटित घटना की निंदा की।
हरिद्वार में टिकैत के समर्थन में कांग्रेसियों ने दी गिरफ्तारी
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के समर्थन में 50 से अधिक यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति के आगे देश का किसान झुकने वाला नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो उत्तराखंड में भी एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वरुण बालियान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने के लिए देवपुरा चौक से नगर कोतवाली की ओर निकले। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रेलवे स्टेशन के पास पहुंचते ही पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस कार्यकर्ताओं को मायापुर चौकी ले आई। प्रदर्शन के दौरान दौरान पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि किसान देश को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं रहा तो पूंजीपति लोग अनाज की जमाखोरी करने में जुट जाएंगे। कहा कि राष्ट्रभक्त किसान को खलीस्तानी कहना उसका अपमान है। पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि युवा कांग्रेस का गिरफ्तारी देने का निर्णय सराहनीय है। कांग्रेस का हर के कार्यकर्ता आज किसानों के साथ खड़ा है। यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वरुण बालियान ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन से बुरी तरह से डरी हुई है।
आज पूरे देश के सामने तानाशाह सरकार की पोल खुल गई है। मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा ने कहा कि सरकार के अत्याचारों के आगे देश का किसान झुकने वाला नहीं है। इस दौरान यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि बहादुर, अमरदीप रोशन पार्षद अनुज सिंह, महानगर अध्यक्ष यूथ कांग्रेस, विधानसभा अध्यक्ष यूथ कांग्रेस नितिन तेश्वर, पूर्व पार्षद अमन गर्ग, पार्षद राजीव भार्गव, कैश खुराना, हिमांशु बहुगुणा, अमित कुमार, अजय शर्मा, मोहित चौधरी, राकेश बरोडिया, विकास सिंह, नीलम शर्मा, शानू गिरी, राजवीर सिंह, जगदीप, हीरा, सोनू शर्मा आदि शामिल रहे।