उत्तराखंड: बैंक के नोटिस से सदमे में आए किसान की हार्ट अटैक से मौत, 1.05 लाख का चुकाना था लोन
उत्तराखंड के खटीमा में चंदेली गांव में बैंक के ऋण वसूली का नोटिस मिलने पर एक किसान की सदमे में मौत हो गई। नोटिस 30 सितंबर को मिला था, बृहस्पतिवार रात दो बार हार्ट अटैक पड़ा और किसान ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को दोपहर तहसीलदार यूसुफ अली ने भी गांव में पहुंचकर परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
पीलीभीत के अमरिया निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि उनके ससुर चंदेली निवासी किसान बलविंदर सिंह (51) पुत्र जगीर सिंह को बृहस्पतिवार देर रात घर पर दो बार हार्ट अटैक पड़ा और रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अमरजीत सिंह ने बताया कि ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की ओर से ऋण की धनराशि खाते में जमा करने का नोटिस मिलने के बाद से बलविंदर सिंह सदमे में थे।
परिजनों ने बताया कि बलविंदर ने ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की खटीमा शाखा से वर्ष 2012 में सात लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। वह निरंतर किस्त जमा करते रहे। तीन साल पहले उन्होंने अपनी बेटी निंदर पाल कौर की शादी अमरजीत सिंह के साथ की। शादी में खासा खर्च आया और तब से किस्त के रुपये जमा करने में दिक्कत आ रही थी। बैंक से 27 सितंबर को जारी नोटिस 30 सितंबर को स्पीड पोस्ट से मिला।
इसमें धान कटाई के बाद अक्तूबर में कर्ज लौटाने की हिदायत देते हुए ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई एवं आरसी जारी करने की चेतावनी दी गई थी। नोटिस आने के बाद से वह परेशान थे, दो अक्तूबर को पीलीभीत में उपचार के बाद गुरुवार रात दो बार अटैक पड़ा और उन्होंने दम तोड़ दिया। ओरियंटल बैंक के शाखा प्रबंधक भुवन जोशी ने भी माना है कि किसान को 1.05 लाख रुपये ब्याज जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया था।
सात लाख लोन लिया था, दो साल से ब्याज नहीं हुआ था जमा
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के शाखा प्रबंधक भुवन जोशी ने बताया कि किसान बलविंदर सिंह ने 2016-17 में 10.24 लाख रुपये का कृषि ऋण स्वीकृत कराया था। इसमें सात लाख रुपये लिए थे। दो वर्ष से ब्याज जमा नहीं किया था। इस पर 1.05 लाख रुपये ब्याज जमा करने के लिए नोटिस भेजा था। ऋण लेने के बाद ब्याज नहीं देने पर संबंधित को नोटिस भेजा जाता है। पैसा जमा कर खाते के रिन्यूअल नवीनीकरण के लिए कहा जाता है।
वर्ष 1952 में पंजाब के अमृतसर से तराई आया था परिवार
बलविंदर सिंह के परिवार के मुखिया तेजा सिंह 1952 में पंजाब के अमृतसर से चंदोली गांव में आकर बस गए और यहां खेत तैयार कर खेतीबाड़ी से जीवन यापन शुरू कर दिया। आज भी उनके पूरे परिवार के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है।
मृतक छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। उनसे बड़े सुखविंदर सिंह, सज्जन सिंह, बहन सिमरजीत कौर, अमरजीत कौर, कुलवीर कौर हैं। उनके परिवार के पास छह एकड़ भूमि है। घर में मां भजन कौर, पत्नी रंधीर कौर, पुत्र गुरविंदर सिंह, तरसेम सिंह, पुत्री निंदर पाल कौर हैं। मृतक के दोनों पुत्र खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। रिश्तेदार बलदेव सिंह, बलदेव सिंह चांदा, गुरुदयाल सिंह, इंद्रजीत सिंह आदि ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद ही वह चिंता में डूबे थे।