फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   farmer death after receiving bank notice

बैंक का नोटिस मिलने के बाद किसान की हार्ट अटैक से मौत

Thu, 06 Jul 2017 08:30 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नानकमत्ता
ब्यूरो / अमर उजाला, नानकमत्ता Updated Thu, 06 Jul 2017 08:30 AM IST
विज्ञापन
farmer death after receiving bank notice
दिल का दौरा - फोटो : फाइल फोटो

तीन दिन पूर्व बैंक से मिले नोटिस से परेशान किसान की हृदयघात से मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस व प्रशासन को सूचना दिए बिना ही किसान का अंतिम संस्कार कर दिया।

विज्ञापन


कर्ज से परेशान किसान की मौत की सूचना से क्षेत्र के काश्तकारों में आक्रोश व्याप्त है। हालांकि प्रशासन ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच बैठा दी है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


ग्राम बिरिया भूड़ थाना नानकमत्ता निवासी मस्सा सिंह (70) पुत्र गुरमेज सिंह की सोमवार की शाम अचानक मौत हो गई। मृतक अविवाहित था और अपने बड़े भाई स्व. रघुवीर सिंह के परिवार के साथ रहता था। मृतक के भतीजे जगजीत सिंह और सर्वजीत सिंह ने बताया उनके चाचा के नाम चार एकड़ जमीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक सितारगंज से वर्ष-2015 में ट्राली के लिए 2.25 लाख का ऋण लिया था। इसी बैंक से वर्ष 2013 में कृषि कार्य के लिए तीन लाख का कर्ज लिया। बताया कि एक जुलाई को बैंक द्वारा जारी नोटिस में ट्राली के बकाया ऋण को जमा करने की हिदायत दी गई। नोटिस मिलते ही वह अत्यधिक परेशान हो गए और तीन जुलाई को हृदयघात से उनकी मौत हो गई।

स्वामी नारायण आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग की

farmer death after receiving bank notice
बुजुर्ग‌ किसान की मौत

किसान की मौत से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। सरकार फसल का उचित मूल्य नहीं दे रही है और दो-दो साल की गन्ना पेमेंट बकाया है। उन्होंने सरकार से स्वामी नारायण आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग की। 

तहसीलदार करेंगे किसान की मौत की जांच
किसान की मौत की सूचना पर सितारगंज के प्रभारी एसडीएम विजय नाथ शुक्ला, सीओ खटीमा बीएल मद्यवाल ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि मृतक किसान ने 29 जून को ही बैंक में 18 हजार रुपये जमा कर खाते को दुरुस्त कराया था। बैंक का नोटिस मिलने से मौत के कारणों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल को जांच सौंपी गई है। 

मृतक और उनके भतीजों के संयुक्त खाते पर दिया लोन सही चल रहा था। ट्राली पर दिए लोन की किस्त पिछले छह माह से जमा न करने से 18 हजार रुपये बकाया चल रही थी, जिसे मौखिक कहने के साथ ही 20 जून को किस्त जमा करने का नोटिस जारी किया गया। नोटिस जारी होने के बाद 29 जून को मृतक द्वारा बकाया 18 हजार की किस्त भी जमा कर दी गई। इसके बाद बैंक का किसान पर कोई दबाव नहीं था।
- एनके मंडल, प्रबंधक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, सितारगंज

नोटिस मिलने के कई दिन बाद किसान की मौत हुई। इस पर परिजनों ने पुलिस या प्रशासन को सूचित किए बिना दाह संस्कार कर दिया। ऐसे में पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। तहसीलदार शोर सिंह ग्वाल को इसकी जांच सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई साजिश हुई है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- डा. नीरज खैरवाल, डीएम, ऊधमसिंह नगर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed