फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Fake Demand Draft of 25 crore Filled in bank police search accused in delhi 

बैंक में लगाया 25 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट, हकीकत सामने आई तो सकते में आए अधिकारी और पुलिस 

Sat, 01 Dec 2018 06:29 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 01 Dec 2018 06:29 PM IST
विज्ञापन
Fake Demand Draft of 25 crore Filled in bank police search accused in delhi 
बैंक डीडी - फोटो : demo pic

कुछ लोगों ने बैंक में 25 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट लगाया लेकिन जब इसकी हकीकत सामने आई तो बैंक अधिकारी ही नहीं पुलिस के भी होश उड़ गए। बैंक में फर्जी डिमांड ड्राफ्ट लगाने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना की तलाश में दिल्ली में ताबड़तोड़ दबिश दी।

विज्ञापन


पुलिस उस संस्था के कार्यालय भी पहुंची, जिसके नाम से ये लोग चेक कैश कराने आए थे। यहां पता चला कि संस्था का पंजीकरण दो साल पहले रद्द हो चुका है। गिरोह में संस्था से जुड़ी एक महिला समेत कई ओर अन्य लोगों के भी शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।
विज्ञापन


गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित आईसीआईसीआई बैंक में दस अक्तूबर को आवास विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र त्यागी के साथ तीन लोग आए थे। तीनों ने बैंक में 25 करोड़ का डीडी लगाने के लिए दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शक होने पर बैंक प्रबंधक गौरव श्रीवास्तव ने डीडी की जांच कराई तो वह फर्जी निकला। आरोपी दिल्ली की एक संस्था के नाम से पांच करोड़ का चेक भी कैश कराने आए थे। बैंक अधिकारियों ने राजेंद्र त्यागी को मौके पर ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था, जबकि दो फरार हो गए थे।

पुलिस ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर राजेंद्र को जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने विपिन यादव निवासी बेतिया, जिला पश्चिमी चंपारण, बिहार और नीटू निवासी शंकरपुरी ब्रह्मपुरी कोतवाली रुड़की समेत पांच और लोगों को जेल भेजा था।

पुलिस को पता चला था कि इस काम का मास्टर माइंड दिल्ली निवासी विजय है। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। दो दिन पूर्व पुलिस विजय की तलाश में दिल्ली पहुंची और ताबड़तोड़ छापा मारा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि पुलिस दिल्ली स्थित साकेत में स्थित संस्था के कार्यालय पहुंची तो पता चला कि संस्था का दो साल पहले रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया था। ये लोग तभी से संस्था के नाम से फर्जी काम करते आ रहे हैं। एसपी देहात ने बताया कि इस गिरोह में संस्था से जुड़ी एक महिला समेत कई अन्य लोग भी शामिल हैं। जल्द सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed