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गांधी शताब्दी अस्पताल में बढ़ेगी सुविधाएं, गर्भवतियों और नवजातों को मिलेगी राहत
Thu, 14 Nov 2019 10:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 14 Nov 2019 10:20 AM IST
सार
- एचडीयू, निक्कू वार्ड और पैथोलॉजी लैब के लिए 95 लाख रुपये स्वीकृत
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
राजकीय गांधी शताब्दी अस्पताल में गर्भवतियों और नवजातों को हायर सेंटर रेफर नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में इसके लिए सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है।
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इसी के तहत अस्पताल में हाई डिपेेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और नियोटल इंटेनसिव केयर यूनिट (निक्कू) भी खोले जाएंगे। पैथोलॉजी लैब भी 24 घंटे खुली रहेगी। इसके लिए शासन ने 95 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। अब अस्पताल प्रशासन इसके लिए टेंडर निकालने जा रहा है।
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प्रीतम रोड स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में आईसीयू की सुविधा न होने पर किसी गर्भवती महिला की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया जाता है। इसी तरह निक्कू वार्ड न होने पर नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर भेज दिया जाता है।
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आमतौर पर यहां से ऐसे केस महिला दून अस्पताल भेजे जाते हैं। लेकिन, महिला दून में मरीजों का दबाव अधिक होने पर वहां से कई बार गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल रेफर किया जाता है। इस परेशानी को देखते हुए शासन ने अस्पताल में चार बेड का एचडीयू (आईसीयू जैसी सुविधाओं से युक्त वार्ड) वार्ड और 12 बेड का निक्कू वार्ड के लिए प्रबंधन समिति ने क्रमश: करीब 60 लाख और पांच लाख का बजट जारी कर दिया है।
24 घंटे खुली रहेगी पैथोलॉजी
अस्पताल में 24 घंटे पैथोलॉजी लैब खुली रखने के लिए भी 30 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। इस बजट से नए उपकरणों की खरीद की जाएगी। उसके बाद अस्पताल स्वास्थ्य महानिदेशालय से अतिरिक्त स्टाफ की मांग करेगा।
गांधी शताब्दी अस्पताल में एचडीयू, निक्कू और 24 घंटे पैथोलॉजी खुली रखने के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। एचडीयू और निक्कू वार्ड के बनने से गंभीर हालत में गर्भवतियों और नवजातों को जरूरी न होने पर रेफर नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. बीसी रमोला, सीएमएस, गांधी शताब्दी अस्पताल