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अंधेरी आंखों में रोशनी लेकर लौटे
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2013 09:15 AM IST
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कार्नियल अंधता से पीड़ित छह लोग एक हफ्ते पहले हिमालयन अस्पताल में परिजनों के कांधों के सहारे आए थे। और जब घर गए तो अपने सहारे चले। कर्निया ट्रांसप्लांट के बाद उनकी अंधेरी आंखें रोशन हो गईं। चेहरे खिले हुए थे। आंखें मिलीं दुनिया की नियामत मिल गई।
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अमर उजाला का नेत्रदान अभियान
अमर उजाला के नेत्रदान अभियान के दौरान चार नेत्रदान हुए थे। इनकी कार्निया हिमालयन अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के आई बैंक में सुरक्षित कर ली गई थीं। कार्निया अलग-अलग आठ रोगियों को प्रत्यारोपित की गई। इनमें छह रोगी एक साथ डिस्चार्ज किए गए।
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कार्निया मिलने के बाद जब इन रोगियों को जांच के लिए बुलाया गया था तो अंधेरी आंखें लिए ये लोग अपने परिजनों के साथ आए थे। चलने के लिए परिजनों के कांधों और आंखों का सहारा लेना पड़ रहा था। लेकिन कार्निया प्रत्यारोपण के बाद उनकी आंखों में उजाला फूट पड़ा। वह अपने ही सहारे अस्पताल से चल कर गए।
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रोगी बहुत खुश थे
आईबैंक प्रभारी कार्निया प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डा नीती गुप्ता ने बताया कि रोगी बहुत खुश थे। संक्रमण और चोट के कारण उनका कार्निया डैमेज हो गया था। रोगियों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन करा रखा था। कार्निया मिलने के बाद प्रत्यारोपण कर दिया गया।
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