उत्तराखंड में झमाझम बारिश ने उमस से दी राहत, छह जिलों में 48 घंटे बहुत भारी बारिश का अलर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में बुधवार देर शाम को बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों के दौरान राजधानी देहरादून के साथ ही नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी जिले में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश के 12 जिलों में मानसून सीजन में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। तीन जिलों में सामान्य की आधी बारिश भी नहीं हुई है। केवल ऊधमसिंह नगर की हालत कुछ बेहतर है, जहां सामान्य से कुछ अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में अब तक 39 फीसदी कम बारिश हुई है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पौड़ी गढ़वाल की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक 61 फीसदी कम बारिश हुई है। सामान्य तौर पर 24 जुलाई तक यहां 456.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी लेकिन अब तक केवल 178 मिमी बारिश हुई है। वहीं, उत्तरकाशी में 57 और चंपावत में 51 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजधानी देहरादून में करीब दो माह के दौरान 47 फीसदी, टिहरी गढ़वाल व रुद्रप्रयाग में 45, अल्मोड़ा में 44, पिथौरागढ़ में 34, हरिद्वार में 33 और बागेश्वर व चमोली में 32-32 मिमी कम बारिश हुई है।
नैनीताल में सामान्य की 83 फीसदी ही बारिश हुई है। ऊधमसिंह नगर में सामान्य से चार फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के सात जिलों में बारिश की कमी चिंताजनक बनी हुई है। बारिश नहीं हुई तो इन जिलों में सूखे के हालात पैदा हो सकते हैं।
मानसून सीजन में अब तक कम बारिश हुई है। मानसून सीजन में अभी काफी समय शेष है। अगले कुछ समय में मानसून मजबूत हुुआ तो बारिश का स्तर बढ़ सकता है। फिलहाल 12 जिलों में बारिश कम है।
-बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम केंद्र