ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए बुरी खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑन लाइन शॉपिंग में मशरूफ रहने वाले उत्तराखंडियों के लिए बुरी खबर है। अब ऑनलाइन कस्टमर्स की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ने वाला है।
उत्तराखंड में अब ऑनलाइन शॉपिंग भी महंगी होगी। शनिवार को हुई कैबिनेट में ऑनलाइन शॉपिंग सहित कर के अन्य कई प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। यह सारे प्रस्ताव विधेयक के रूप में दो नवंबर से शुरू हो रहे सत्र में रखे जाएंगे।
सरकार ने उत्तराखंड माल के स्थानीय क्षेत्रों में कर का विधेयक राजभवन को भेजा था। विधानसभा सत्र आहूत होने के कारण राजभवन ने इस विधेयक को सत्र में न रखे जाने पर जवाब मांगा था। मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को सत्र में रखे जाने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा रिवर राफ्टिंग को भी कर के दायरे में लाने संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
कुल 24 मामलों पर मंत्री मंडल ने किया विचार
राजस्व बढ़ाने के लिए उत्तराखंड सरकार की निगाह अब ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते बाजार पर भी है। शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ऑनलाइन शॉपिंग को कर के दायरे में लाने संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इस प्रस्ताव को विधेयक के रूप में सत्र में रखा जाएगा।
सरकार ने हाल ही में उत्तराखंड माल के स्थानीय क्षेत्रों में प्रवेश पर कर संबंधित विधेयक राजभवन को भेजा था। राजभवन से मिली जानकारी के मुताबिक इस विधेयक को सरकार को वापस किया गया है। राजभवन ने सरकार से पूछा है कि विधानसभा सत्र आहूत होने के बाद भी यह विधेयक सत्र में क्यों नहीं लाया जा रहा है। सरकार से इस विधेयक की तात्कलिकता का औचित्य भी स्पष्ट करने को कहा गया है।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक रिवर राफ्टिंग और केबल में पिक्चर की स्क्रीनिंग को टैक्स के दायरे में लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने तय किया कि इन सभी प्रस्तावों को विधेयक के रूप में सत्र में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक मंत्रिमंडल ने कुल 24 मामलों पर विचार किया। मंत्रिमंडल की बैठक पहले 12.30 बजे से होनी थी। बाद में यह समय खिसककर डेढ़ बजे हुआ। मंत्रिमंडल की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली।