आम के बाग में आखिर क्यों लगा है 'बम' का ढेर
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विकासनगर तहसील क्षेत्र से करीब 13 किमी दूर स्थित कुंजाग्रांट में आम के बाग में लगा बम का ढेर आम जनता के साथ ही देश की सुरक्षा पर भारी पड़ सकता है।
बाग में बने दो कमरों में रखे विस्फोटकों के ढेर के बारे प्रशासन तक को जानकारी नहीं है। आतंकी विस्फोटों में कई बार व्यवसायिक विस्फोटकों के प्रयोग होने की बात सामने आ चुकी है बावजूद पुलिस प्रशासन की अनदेखी भी हैरान करने वाली है।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने अमर उजाला की टीम भंडार केंद्र पहुंची। धर्मावाला चौक से पांवटा हाईवे पर महज साढे़ पांच किमी की दूरी नापने के बाद हाईवे से नीचे दाहिनी ओर एक कच्चा रास्ता साल के जंगल से होता हुआ केंद्र तक पहुंचता है।
सुरंग बनाने में किया जाता है विस्फोटकों का इस्तेमाल
हाईवे से यहां की दूरी महज 200 मीटर है। भंडार केंद्र का लाइसेंस केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2009 से यूके एक्सप्लोसिव कंपनी देहरादून के नाम जारी है।
इससे पहले यह ओएनजीसी के अधीन था। यहां औसतन 6-7 टन विस्फोटक रखा जाता है। विस्फोटकों का इस्तेमाल खासकर बांध बनाने के दौरान सुरंग बनाने में किया जाता है।
लोनिवि भी सड़क बनाने में इसका इस्तेमाल करता है। इस वक्त यहां से पिथौरागढ़ और गोपेश्वर में विस्फोटकों की सप्लाई की जाती है।
गलत हाथों में पड़ने पर तबाही का डर
भंडार केंद्र में जिलेटिन, डायनामाइट, डेटोनेटर जैसे व्यवसायिक विस्फोटक रखे हुए हैं, जो गलत हाथों में पड़ने पर तबाही का कारण बन सकते हैं, जबकि क्षेत्र में पांच-पांच जल विद्युत परियोजनाएं हैं।
इसके साथ ही क्षेत्र की सीमाएं पड़ोसी राज्य हिमाचल और उत्तर प्रदेश से लगी हुई हैं। गार्ड रूम जर्जर हाल पड़ा था। इसमें डंडाधारी गार्ड सोया हुआ था।
केंद्र में मुख्य गेट तो दूर चहारदीवारी तक नहीं की गई है। भंडार केंद्र चारों ओर से खुला है। केंद्र में आसपास के गांवों के लोग बेरोकटोक आवाजाही कर रहे थे।
अमर उजाला की टीम यहां करीब आंधे घंटे रुकी, लेकिन कोई रोकटोक करने वाला नहीं दिखा।
ये हैं मानक
विस्फोटक एक्ट-1884 के तहत भंडारण केंद्र में कांटेदार तार और ऊंची दीवार, प्रवेश द्वार पर सशस्त्र जवान तैनात, गेट पर सर्च लाइट, स्वचालित इलेक्ट्रानिक अलार्म, सीसीटीवी, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था आदि होने चाहिए, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था भंडारण केंद्र में नहीं है।
एसडीएम को नहीं जानकारी
सुरक्षा को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है एसडीएम अरविंद कुमार पांडेय को कुंजाग्रांट स्थित बारूद फैक्ट्री की जानकारी तक नहीं है।
पूछे जाने पर उन्होंने विस्फोटक सामग्री भंडारण केंद्र के बारे में जानकारी होने से साफ इनकार किया।
आंतरिक सुरक्षा के मानक पूरे हैं। बाहरी सुरक्षा के लिए दो गार्ड रखे गए हैं। गेट को हाथी ने तोड़ दिया था, उसे फिर से बनाने के लिए दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर और भी इंतजाम किए जाएंगे। अक्सर कुछ ही समय के लिए यहां विस्फोटक रखा जाता है।
- शरद रतूड़ी, भंडारण केंद्र स्वामी
मामला गंभीर है। इस बारे में एसडीएम को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
- चंद्रेश यादव, जिलाधिकारी
केंद्र के बाहर सुरक्षा के मानक पर्याप्त नहीं हैं। इसकी रिपोर्ट सालाना निरीक्षण के दौरान शासन को भेजी जा चुकी है।
- एसके सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी