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एक्सक्लूसिव : उत्तराखंड शिक्षा विभाग की अजब कहानी, स्कूल प्रबंधन ने क्लर्क को बना दिया लेक्चरर

Sat, 15 Feb 2020 10:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 15 Feb 2020 10:32 AM IST
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Exclusive: Uttarakhand Education Department, school management made clerk a lecturer
प्रतीकात्मक तस्वीर

शिक्षा विभाग में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। टिहरी जिले के एक अशासकीय स्कूल में एक क्लर्क को स्कूल प्रबंधन ने मनमाने ढंग से लेक्चरर बना दिया। कई वर्षों तक उसकी सेवाएं लेने के बाद वह रिटायर भी हो गया। अब उसने लेक्चरर की पेंशन शिक्षा विभाग से मांगी तो नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई। 

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मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग इसकी जांच में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि टिहरी के अशासकीय स्कूल में एक व्यक्ति की मौलिक नियुक्ति क्लर्क के पद पर हुई।
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बावजूद स्कूल प्रबंधन समिति ने उसे एडहॉक लेक्चरर बना दिया था। क्लर्क के विभाग से रिटायर होने के बाद उसकी ओर से अब लेक्चरर की पेंशन मांगी की जा रही है। नियमानुसार यह पेंशन उसे जारी नहीं की जा सकती। 

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अधिकारियों से मामले का पूरा विवरण मांगा

मामला टिहरी जिले के अशासकीय स्कूल का है। यहां क्लर्क को स्कूल प्रबंधन समिति ने लेक्चरर बना दिया था। उसकी मौलिक नियुक्ति क्लर्क के पद पर थी। अधिकारियों से मामले का पूरा विवरण मांगा है। 
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक 

चपरासी को बना दिया हेडमास्टर

शिक्षा विभाग में एक चपरासी को फर्जी तरीके से स्कूल का हेड मास्टर बनने का मामला सामने आ चुका है। कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, बिनौला में चपरासी किसी दूसरे नाम से स्कूल का हेडमास्टर बन गया था।

आरोप है कि इस दौरान उसने एक शिक्षक के जीपीएफ खाते से ढाई लाख रुपये का गबन भी किया। उसे तीन अप्रैल, 2008 को निलंबित करते हुए विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, हरिद्वार के दफ्तर में अटैच किया। अब चपरासी ने जीवन निर्वहन भत्ते की मांग विभाग से की है।

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