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एक्सक्लूसिव: दरोगा ने बगैर जांच शिकायतकर्ता को बताया मानसिक रूप से कमजोर  

Sun, 28 Feb 2021 02:49 PM IST
अलका त्यागी दीप बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
दीप बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Feb 2021 02:49 PM IST
सार

  • सीएम पोर्टल में दर्ज शिकायत पर दरोगा ने दी थी आख्या 
  • पीड़ित ने न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की दी चेतावनी 

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Exclusive: Inspector told complainant mentally weak without investigation in Rudrapur
मानसिक रोगी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

सीएम पोर्टल पर की गई एक शिकायत की जांच के मामले में एक दरोगा ने बगैर स्वास्थ्य जांच कराए शिकायतकर्ता को अपनी आख्या में मानसिक रूप से कमजोर ठहरा दिया। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता हर माह जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सरकार को राजस्व दे रहा है। सिडकुल की तीन कंपनियों में उसका रंगाई और पुताई का काम चल रहा है। खुद को मानसिक रोगी ठहराने से परेशान युवक ने न्याय नहीं मिलने पर दरोगा को कॉल कर आत्महत्या करने की धमकी दी है।   

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आजादनगर ट्रांजिट कैंप निवासी प्रमोद कुमार ने एक माह पहले सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि रुपये के लेनदेन को लेकर उसका अपने रिश्तेदारों से विवाद है। 22 जनवरी को उसके चाचा ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की। उसने ट्रांजिट कैंप थाने में शिकायत की तो पुलिस ने उसी को थाने में बैठाकर पीट दिया। इसके बाद उसकी मां से जबरन मानसिक रूप से कमजोर होने के बयान दर्ज करा लिए और उसे थाने से ही चाचा के सुपुर्द कर दिया।
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प्रमोद ने शिकायत सीएम पोर्टल में दर्ज कराई तो वहां से जांच कर आख्या मांगी गई। दरोगा ने बिना स्वास्थ्य जांच के सिर्फ बयान के आधार पर प्रमोद को मानसिक रूप से कमजोर ठहरा दिया। प्रमोद ने बताया कि उसकी फर्म 2020 में जीएसटी में पंजीकृत है। वह हर महीने जीएसटी जमा करता है। सिडकुल की तीन कंपनियों में रंगाई और पुताई का उसका काम चल रहा है। न्याय के लिए वह अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। 
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ट्रांजिट कैंप थाने में बांटा था जरूरतमंदो को खाना 
ट्रांजिट कैंप के जिस दरोगा ने युवक को मानसिक रूप से कमजोर बताया है उसने कोरोना कॉल में गरीबों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया। ट्रांजिट कैंप थाने में जाकर पुलिस कर्मियों और वहां आने वाले फरियादियों को अपनी पत्नी के साथ जाकर खाना भी बांटा। इसके बाद भी उसे मानसिक रूप से कमजोर बता दिया गया।


बिना जांच पड़ताल के रिपोर्ट देना गलत है। इस तरह का मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी लेकर संबंधित दरोगा से बात की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-  डीएस कुंवर, एसएसपी।

हर व्यक्ति को इंसाफ दिलाना पुलिस का अधिकार है। बगैर जांच के आख्या भेजना सही नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।
- अशोक कुमार, डीजीपी

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