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आबकारी विभाग ने पकड़ी तस्करी की 250 पेटी शराब
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देहरादून। आबकारी विभाग ने फर्जी परमिट के सहारे पौड़ी जा रहे एक ट्रक से 250 पेटी अवैध शराब बरामद की है। शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया फर्जी हस्ताक्षर वाला परमिट भी मिला है। इसके अलावा एक होटल के कमरे से शराब तस्करी से संबंधित कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं।
जिला आबकारी अधिकारी मनोज कुमार उपाध्याय ने बताया इंस्पेक्टर डॉ. ज्योति वर्मा और संजय रावत को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर शनिवार देर रात ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े एक ट्रक को पकड़ा गया। इस ट्रक से पंजाब में निर्मित शराब की 250 पेटियां बरामद हुईं। ट्रक चालक रामू निवासी ग्राम नेपालपुर उन्नाव उत्तर प्रदेश से पूछताछ की गई। उसने इस शराब को पौड़ी गोदाम ले जाने के लिए परमिट दिखाया। परमिट की जांच की गई तो पता चला कि उस पर फर्जी हस्ताक्षर हैं।
पूछताछ में चालक रामू ने बताया कि जिन लोगों के कहने पर शराब लदाई गई थी वे एक होटल में रुके हैं। इसके बाद आबकारी टीम ने होटल के कमरे में छापा मारा, लेकिन वे लोग वहां से जा चुके थे। इसके बाद कमरे से कुछ दस्तावेज जब्त किए गए जो प्रथमदृष्टया फर्जी मिले। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस मामले में रामू के खिलाफ एक्साइज एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य लोगों के खिलाफ पटेलनगर थाने में तहरीर दी गई है। बरामद शराब की लागत करीब 15 लाख रुपये है।
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होटल में कर रहे थे हस्ताक्षर की प्रैक्टिस
होटल के कमरे में जो कागज मिले हैं उन पर कई तरह के हस्ताक्षर किए गए थे। इससे लगा कि वे लोग फर्जी हस्ताक्षर करने की प्रैक्टिस कर रहे थे। पुलिस को इन कागजातों को भी मुहैया करा दिया गया है। ताकि, मुकदमे की विस्तृत जांच की जा सके।
निर्मित सन 2020 होलोग्राम 2017 का
पंजाब डिस्टिलरी की इस शराब में गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि शराब की पेटियों और बोतलों पर निर्माण का सन 2020 लिखा हुआ था। जबकि, बोतलों पर होलोग्राम 2017 का लगा था। शराब की प्रयोगशाला में जांच भी कराई जाएगी।
दो दिन की छुट्टी के चलते पकड़ी गई शराब
अवैध शराब से लदा ट्रक कभी का पौड़ी पहुंच गया होता। इसमें भी माफिया की चूक और आबकारी टीम की चुस्ती ही काम आई। दरअसल, यह ट्रक भुगतान के चक्कर में लेट हो रहा था। शनिवार को सेकेंड सटरडे और फिर रविवार को भी छुट्टी थी। इसके चलते भुगतान नहीं हो सका तो ट्रक देहरादून में ही खड़ा हुआ था।
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जिला आबकारी अधिकारी मनोज कुमार उपाध्याय ने बताया इंस्पेक्टर डॉ. ज्योति वर्मा और संजय रावत को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर शनिवार देर रात ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े एक ट्रक को पकड़ा गया। इस ट्रक से पंजाब में निर्मित शराब की 250 पेटियां बरामद हुईं। ट्रक चालक रामू निवासी ग्राम नेपालपुर उन्नाव उत्तर प्रदेश से पूछताछ की गई। उसने इस शराब को पौड़ी गोदाम ले जाने के लिए परमिट दिखाया। परमिट की जांच की गई तो पता चला कि उस पर फर्जी हस्ताक्षर हैं।
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पूछताछ में चालक रामू ने बताया कि जिन लोगों के कहने पर शराब लदाई गई थी वे एक होटल में रुके हैं। इसके बाद आबकारी टीम ने होटल के कमरे में छापा मारा, लेकिन वे लोग वहां से जा चुके थे। इसके बाद कमरे से कुछ दस्तावेज जब्त किए गए जो प्रथमदृष्टया फर्जी मिले। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस मामले में रामू के खिलाफ एक्साइज एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य लोगों के खिलाफ पटेलनगर थाने में तहरीर दी गई है। बरामद शराब की लागत करीब 15 लाख रुपये है।
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होटल में कर रहे थे हस्ताक्षर की प्रैक्टिस
होटल के कमरे में जो कागज मिले हैं उन पर कई तरह के हस्ताक्षर किए गए थे। इससे लगा कि वे लोग फर्जी हस्ताक्षर करने की प्रैक्टिस कर रहे थे। पुलिस को इन कागजातों को भी मुहैया करा दिया गया है। ताकि, मुकदमे की विस्तृत जांच की जा सके।
निर्मित सन 2020 होलोग्राम 2017 का
पंजाब डिस्टिलरी की इस शराब में गड़बड़ी की आशंका भी जताई जा रही है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि शराब की पेटियों और बोतलों पर निर्माण का सन 2020 लिखा हुआ था। जबकि, बोतलों पर होलोग्राम 2017 का लगा था। शराब की प्रयोगशाला में जांच भी कराई जाएगी।
दो दिन की छुट्टी के चलते पकड़ी गई शराब
अवैध शराब से लदा ट्रक कभी का पौड़ी पहुंच गया होता। इसमें भी माफिया की चूक और आबकारी टीम की चुस्ती ही काम आई। दरअसल, यह ट्रक भुगतान के चक्कर में लेट हो रहा था। शनिवार को सेकेंड सटरडे और फिर रविवार को भी छुट्टी थी। इसके चलते भुगतान नहीं हो सका तो ट्रक देहरादून में ही खड़ा हुआ था।