{"_id":"5d76bca28ebc3e014031770f","slug":"everyone-will-have-to-be-united-to-save-the-himalayas-dehradun-news-drn319147298","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमालय बचाने को सबको होना होगा एकजुट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमालय बचाने को सबको होना होगा एकजुट
विज्ञापन
नेहरू कॉलोनी में हिमालय दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में संबोधित करते विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून। हिमालय बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान में अपना-अपना सहयोग देना होगा, तभी हम हिमालय को बचाने की मुहिम में सफल हो सकेंगे। यह बातें विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सोमवार को हिमालयन दिवस के अवसर पर जोगीवाला में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
उत्तरांचल उत्थान परिषद की ओर से हिमालय संरक्षण समाधान एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि हिमालय हमारा लाइफ लाइन है। हिमालय ने सदियों तक मानव सभ्यता को जीवित रखा, वह आज संकट में है। हिमालय को बचाने के लिए जन जागरण और जन सहभागिता की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान और पॉलिथीन उन्मूलन पर भी जोर दिया।
संगोष्ठी में स्वामी प्रेमानंद महाराज, पर्यावरणविद् सच्चिदानंद भारती, विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार ज्योत्सना और प्रो. देवीदयाल चौनियाल ने भी अपने विचार रखे। पूर्व पीसीसीएफ डॉ. आरबीएस रावत ने हिमालयी क्षेत्र में वनों और औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी दी। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष एसके गुप्ता, प्रेम बुड़ाकोटि, रामप्रकाश पैन्यूली, दयानंद चन्दोला, नीरज मित्तल, आजाद सिंह रावत, हरपाल सिंह नेगी, आनंद सिंह रावत, जयमल सिंह नेगी, ललित बुड़ाकोटी, दीपक उपाध्याय, संजय बड़ोनी, राजेंद्र पंत, प्रेमचंद शर्मा, सुरेंद्र नौटियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरांचल उत्थान परिषद की ओर से हिमालय संरक्षण समाधान एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि हिमालय हमारा लाइफ लाइन है। हिमालय ने सदियों तक मानव सभ्यता को जीवित रखा, वह आज संकट में है। हिमालय को बचाने के लिए जन जागरण और जन सहभागिता की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान और पॉलिथीन उन्मूलन पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
संगोष्ठी में स्वामी प्रेमानंद महाराज, पर्यावरणविद् सच्चिदानंद भारती, विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार ज्योत्सना और प्रो. देवीदयाल चौनियाल ने भी अपने विचार रखे। पूर्व पीसीसीएफ डॉ. आरबीएस रावत ने हिमालयी क्षेत्र में वनों और औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी दी। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष एसके गुप्ता, प्रेम बुड़ाकोटि, रामप्रकाश पैन्यूली, दयानंद चन्दोला, नीरज मित्तल, आजाद सिंह रावत, हरपाल सिंह नेगी, आनंद सिंह रावत, जयमल सिंह नेगी, ललित बुड़ाकोटी, दीपक उपाध्याय, संजय बड़ोनी, राजेंद्र पंत, प्रेमचंद शर्मा, सुरेंद्र नौटियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन