#GST पर पैनी नजर के लिए हर तहसील में एक अफसर
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जीएसटी पर उत्तराखंड में किस तरह की प्रगति है, इस पर केंद्र सरकार और बीजेपी हाईकमान की पैनी निगाह है। हर दिन राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देनी है।
केंद्र को फीडबैक के लिए राज्य सरकार हर तहसील पर नोडल अफसरों की नियुक्ति करने जा रही है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ इस मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह ने बात की है। एक कार्यक्रम में खुद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह जानकारी दी है।
आर्थिक सुधारों के लिहाज से बेहद अहम बताए जा रहे जीएसटी की प्रगति को लेकर राज्य सरकार भी हर एक पहलु को बारीकी से देख रही है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक कार्यक्रम में अपने भाषण का ज्यादातर हिस्सा जीएसटी पर ही केंद्रित रखा। वह इस कार्यक्रम में जीएसटी का मजबूती से प्रमोशन करते नजर आए।
उन्होंने कहा कि जीएसटी देश की आर्थिक प्रगति को दहाई के अंक तक लेकर जाएगी, यह तय है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को जीएसटी के फायदे गिनाए। उन्होंने रोचक अंदाज में ये भी बताया कि किस तरह उन्होंने हाईकमान को जीएसटी पर लोगों की राय के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री बोले, जीएसटी पर ताली और गाली दोनों
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जीएसटी पर ताली और गाली दोनों चल रही है। जिनके खिलाफ जीएसटी जा रही है, वह गाली दे रहे हैं, ज्यादातर जनता ताली बजा रही है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर जीवन यापन करने वालों के लिए जीएसटी फायदे का सौदा होने जा रहा है। हां उनके लिए दिक्कत है, जो ब्रांडेड चीजों के मुरीद हैं। उन्होंने लोगों से मुखातिब होकर कहा-सादा पहनो, सादा खाओ। ब्रांडेड के चक्कर में आखिर पड़ना ही क्यों।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी बेबाकी से अपनी बात रखते हैं। अक्सर माना जाता है कि नेता का ना-ना से कोई सरोकार नहीं होता। वह हर चीज के लिए हां बोलता है। चाहे फिर आसमान से तारें तोड़कर लाने की ही बात क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि पीएम जो कहते हैं, उसे करते हैं। जो नहीं हो सकता, उस पर साफ तौर पर ना कहते हैं। उन्होंने यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह का भी खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के बारे में एक जर्मन लेखक ने साफ तौर पर कहा था कि वह अलग तरह के राजनेता है, जो कि गलत बात पर ना भी बोल देते हैं।