नंदादेवी रेस्क्यू अभियान: मौसम खराब होने की वजह से आगे नहीं जा पाया हेलीकॉप्टर, वापस लौटे जवान
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नंदादेवी में बर्फ में दबे विदेशी पर्वतारोहियों के शव निकालने का अभियान आज सुबह शुरू किया गया। पिथौरागढ़ से एयरफोर्स का एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर टीम को लेकर रवाना हुआ। आज सुबह करीब पांच बजे आईटीबीपी के चार पर्वतारोही और वायु सेना के पांच हेलीकॉप्टर में मुनस्यारी से रवाना हुए।
नंदादेवी बेस कैंप से हेलीकॉप्टर द्वारा आवश्यक सामग्री भी पहुंचाई जाएगी। आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी और एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में यह अभियान चल रहा है। बता दें कि टीम लीडर रतन सिंह धारचूला निवासी हैं। नंदा देवी ईस्ट में पर्वतारोहण के दौरान एवलांच आने से बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ का यह संयुक्त अभियान है। हालांकि मौमस खराब होने की वजह से हेलीकॉप्टर आगे नहीं जा पाया और रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं हो पाया।
एसटीएच हल्द्वानी भेजे जाएंगे पर्वतारोहियों के शव
लापता पर्वतारोहियों के शवों को नंदा देवी चोटी से निकालने के बाद हेलीकॉप्टर से नैनीसैनी हवाई पट्टी लाया जाएगा। हवाई पट्टी में ही मृतकों का पंचनामा भरने की कार्रवाई होगी। इसके बाद शवों को संरक्षित रखने के लिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी भेजा जाएगा। शवों के डीएनए सैंपल भी लिए जाएंगे। विदेशी पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के बाद सुपुर्द करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से संबंधित देशों के दूतावासों को भी पत्र भेजा गया है।
13 सदस्यीय दल में से आठ पर्वतारोही हुए थे लापता
13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट में पर्वतारोहण के लिए गए 13 सदस्यीय दल में से आठ पर्वतारोही ब्रिटेन निवासी लीडर मार्टिन मोरिन, ब्रिटेन के ही पर्वतारोही जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटनेयरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय लापता हो गए थे।
सेना के हेलीकॉप्टर से चले सर्च अभियान के दौरान पांच पर्वतारोहियों के शव बर्फ में पड़े दिखे। इन शवों को निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ की संयुक्त टीम गठित की गई है। आईटीबीपी ने बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए कुछ विशेष उपकरण दिल्ली से मंगाए हैं।