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Dehradun News: डेढ़ साल बाद भी पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी का इंतजार
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उत्तराखंड सरकार की ओर से 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नीति के तहत सरकारी नौकरी देने की घोषणा अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। घोषणा के करीब डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद खिलाड़ियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनमें निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव राजीव चौधरी ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह घोषणा की थी। लेकिन अब तक न तो विभागीय स्तर पर स्पष्ट प्रक्रिया तय हो सकी है और न ही नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। कई खिलाड़ी लगातार विभागों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। उधर पदक विजेता खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने राज्य का नाम रोशन किया लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ इंतजार ही मिला है। इस देरी को लेकर राज्य की खेल नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर समय पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिला तो इससे भविष्य में प्रतिभाएं हतोत्साहित होंगी।
Iजिन-जिन विभागों में खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जानी है उन से सहमति ली जा रही है। पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी मिले इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव, खेलI
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वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव राजीव चौधरी ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह घोषणा की थी। लेकिन अब तक न तो विभागीय स्तर पर स्पष्ट प्रक्रिया तय हो सकी है और न ही नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। कई खिलाड़ी लगातार विभागों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। उधर पदक विजेता खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने राज्य का नाम रोशन किया लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ इंतजार ही मिला है। इस देरी को लेकर राज्य की खेल नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर समय पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिला तो इससे भविष्य में प्रतिभाएं हतोत्साहित होंगी।
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Iजिन-जिन विभागों में खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जानी है उन से सहमति ली जा रही है। पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी मिले इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव, खेलI
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