फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   EPFO Wage Limit Increased to Rs 25,000 Around 40,000 More Employees in Uttarakhand to Get PF Benefits

उत्तराखंड: प्रदेश में पीएफ से जुड़ेंगे 40 हजार नए कर्मचारी, 12 साल बाद बढ़ाई गई ईपीएफओ की अनिवार्य कवरेज सीमा

Tue, 22 Sep 2026 07:41 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 22 Sep 2026 07:41 PM IST
सार

वेतन सीमा बढ़ने से अब बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। उत्तराखंड में करीब 40 हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को पीएफ और पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

विज्ञापन
EPFO Wage Limit Increased to Rs 25,000 Around 40,000 More Employees in Uttarakhand to Get PF Benefits
पीएफ़ओ कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वीवीबी सिंह - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर

विस्तार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए वेतन की ऊपरी सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस बदलाव से उत्तराखंड में करीब 40 हजार अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आ सकेंगे। भारत सरकार की ओर से यह घोषणा 17 सितंबर को विश्वकर्मा दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी।

विज्ञापन

ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वीवीबी सिंह ने बताया कि इस कदम से कर्मचारियों को नियमित पीएफ अंशदान के माध्यम से सेवानिवृत्ति के लिए दीर्घकालिक बचत का लाभ मिलेगा। साथ ही 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने सभी नियोक्ताओं से अपील की कि नई वेतन सीमा के अनुसार सभी पात्र सदस्यों को ईपीएफओ में जोड़ना और उनका अंशदान जमा करना सुनिश्चित करें।

विज्ञापन

रोजगार सृजन और विवाद निपटारे पर भी फोकस

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वीवीबी सिंह ने कहा कि ईपीएफओ की ओर से सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन और रोजगार के औपचारिकीकरण को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत अतिरिक्त रोजगार पैदा करने पर नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाता है। बीती 19 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना की पहली किस्त जारी की थी। गढ़वाल क्षेत्र में प्रथम किस्त के दौरान पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को लगभग 19 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढे़ं...कौन बनेगा करोड़पति: 8.5 लाख जीतने के चक्कर में डेढ़ करोड़ गंवा दिए, उधर मांगकर जुटाई रकम से खेला था खेल

कर्मचारी नामांकन अभियान-2026

जो पात्र कर्मचारी अब तक ईपीएफ कवरेज से बाहर हैं, उन्हें दायरे में लाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इसमें नियोक्ताओं को कर्मचारियों का कार्योत्तर नामांकन करने का मौका मिलेगा, जिसमें पिछले अनसॉर्टेड अंशदान से राहत और केवल 100 रुपये का रियायती हर्जाना जैसे लाभ हैं। इसके अलावा ईपीएफ बकाया के विलंबित भुगतान से जुड़े धारा 14बी के लंबित मामलों के निपटान के लिए ईपीएफओ ने विश्वास योजना शुरू की है। इसके तहत दंडात्मक नुकसान को घटाकर एक फीसदी प्रतिमाह कर दिया गया है। क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में अब तक 70 लाख रुपये की राशि के 54 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed