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Dehradun News: उद्यमिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, राष्ट्र निर्माण की शक्ति
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- राज्यपाल ने दिल्ली में लीजेंड एंटरप्राइज अवार्ड कार्यक्रम में की शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि उद्यमिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, यह राष्ट्र निर्माण की सशक्त शक्ति है। राज्यपाल ने नई दिल्ली में मिलेनियल इंडिया इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (एमआईआईसीसीआईए) की स्थापना के 10 वर्ष पर आयोजित लीजेंड एंटरप्राइज अवार्ड समारोह में यह बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक सफल उद्यम के पीछे दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता होती है। अपने सैन्य अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा कठिन परिस्थितियों में होती है। एमआईआईसीसीआईए जैसे संस्थान सरकार और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करते हैं, जिससे संवाद, समन्वय और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। राज्यपाल ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प को साकार करने में सभी हितधारकों की भागीदारी आवश्यक है। सरकार अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, जबकि उद्योग और उद्यमी नवाचार, निवेश और क्रियान्वयन के माध्यम से विकास को गति देते हैं। राज्यपाल ने उद्योग जगत को उत्तराखंड में पर्यटन, वेलनेस, विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि उद्यमिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, यह राष्ट्र निर्माण की सशक्त शक्ति है। राज्यपाल ने नई दिल्ली में मिलेनियल इंडिया इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (एमआईआईसीसीआईए) की स्थापना के 10 वर्ष पर आयोजित लीजेंड एंटरप्राइज अवार्ड समारोह में यह बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक सफल उद्यम के पीछे दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता होती है। अपने सैन्य अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा कठिन परिस्थितियों में होती है। एमआईआईसीसीआईए जैसे संस्थान सरकार और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करते हैं, जिससे संवाद, समन्वय और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। राज्यपाल ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प को साकार करने में सभी हितधारकों की भागीदारी आवश्यक है। सरकार अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, जबकि उद्योग और उद्यमी नवाचार, निवेश और क्रियान्वयन के माध्यम से विकास को गति देते हैं। राज्यपाल ने उद्योग जगत को उत्तराखंड में पर्यटन, वेलनेस, विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।
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