फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Energy Department, CM Pushkar singh Dhami, Problem to industries due to power cut, warning of migration

झटका: बिजली कटौती से उद्योगों में मचा हाहाकार, कहा- सीएम के पास है ऊर्जा विभाग, फिर भी तय नहीं रोस्टिंग का समय

Thu, 21 Apr 2022 02:12 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Apr 2022 02:12 PM IST
सार

बिजली आपूर्ति का यही हाल रहा तो प्रदेश में निवेश करने के बजाय उद्योग पलायन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच भारी बिजली किल्लत देखने को मिल रही है। 

विज्ञापन
Energy Department, CM Pushkar singh Dhami, Problem to industries due to power cut, warning of migration
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश में बिजली कटौती से उद्योगों में हाहाकार मचा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्रों में रात को 6 से 7 घंटे तक बिजली कट लगने से उद्योगों को 40 प्रतिशत तक उत्पादन का नुकसान हो रहा है। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि सरकार और ऊर्जा विभाग की ओर से रोस्टिंग का कोई समय तय नहीं किया गया है, जिससे उद्योगों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विज्ञापन

 

उन्होंने चेताया कि बिजली आपूर्ति का यही हाल रहा तो प्रदेश में निवेश करने के बजाय उद्योग पलायन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उत्तराखंड इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष सुनील उनियाल और महासचिव महेश शर्मा का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिना रोस्टिंग समय तय किए रात्रि शिफ्ट में 6 से 7 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। मुख्यमंत्री के पास ऊर्जा विभाग है, इसके बावजूद भी रोस्टिंग का समय तय नहीं किया गया।

विज्ञापन


एसोसिएशन का कहना है कि ऊर्जा विभाग बिजली की मांग पूरी करने में असमर्थ है तो उद्योग को पहले बताया जाए कि किस दिन कितने घंटे बिजली कटौती रहेगी, जिससे उद्यमी उस दिन अपना उद्योग बंद रख सकें। कहा कि बिजली कटौती से उद्योगों को 40 प्रतिशत उत्पादन का नुकसान हो रहा है। बिजली आपूर्ति का यही हाल रहा तो उद्योगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही प्रदेश में कोई भी निवेशक उद्योग नहीं लगाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूपीसीएल ने की छोटे कस्बों में भी तीन घंटे से ऊपर कटौती

प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बुधवार को भारी बिजली किल्लत देखने को मिली। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे कटौती हुई तो वहीं छोटे कस्बों में भी तीन से चार घंटे की कटौती हुई। आज बृहस्पतिवार को एक से दो घंटे कटौती रही। गर्मी में बिजली की डिमांड 44 मिलियन यूनिट से ऊपर चल रही है। बुधवार को भी डिमांड के मुकाबले यूपीसीएल को करीब दस मिलियन यूनिट बिजली कम मिली। इस वजह से उद्योगों से लेकर ग्रामीण और छोटे कस्बों तक में कटौती हुई। यूपीसीएल के एसई कॉमर्शियल गौरव शर्मा ने बताया कि अभी डिमांड 44 मिलियन यूनिट से भी ऊपर जा रही है और उपलब्धता 29 से 30 मिलियन यूनिट है।

ये भी पढ़ें...हरीश रावत ने थपथपाई शिक्षा मंत्री की पीठ: कहा- 'धन सिंह रावत का कोई काम शाबाशी लायक नहीं, पर इस फैसले की करता हूं तारीफ'

15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही रोजाना

रोजाना करीब 15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है। बुुधवार को 15 में से पांच मिलियन यूनिट ही उपलब्ध हो पाई थी। लिहाजा, उद्योगों में छह से सात घंटे कटौती हुई। ग्रामीण इलाकों में करीब चार घंटे दिन में बिजली काटी और करीब तीन घंटे रात को कटौती हुई। रुड़की, ज्वालापुर, हल्द्वानी, काशीपुर सहित छोटे कस्बों में भी तीन से साढ़े तीन घंटे बिजली कटौती हुई। हालांकि, बृहस्पतिवार के लिए यूपीसीएल ने 13 मिलियन यूनिट में से 8.5 मिलियन यूनिट बिजली खरीद ली है। अब करीब साढ़े पांच मिलियन यूनिट की कमी है, जिसे बृहस्पतिवार को ही रियल टाइम मार्केट से खरीदने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद प्रदेश में करीब एक से दो घंटे की बिजली कटौती हो सकती है।

बिजली किल्लत के मामले में लगातार समीक्षा की जा रही है। जो परेशानी आ रही है, उसका कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा। कल हमने इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से भी बात की थी।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed