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उत्तराखंड से इन पांच परिंदों का वजूद खत्म

Wed, 12 Mar 2014 03:17 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 12 Mar 2014 03:17 PM IST
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endangered bird

उत्तराखंड में बीते पांच साल में पांच चिड़ियों की प्रजातियों का वजूद खत्म हो चुका है। इनको संरक्षित करने के उपाय नहीं किए जा सके, न ही इन्हें अपना वंश आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त माहौल मिला।

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उत्तराखंड के मुख्य वन संरक्षक और भारतीय वन्य जीव संस्थान के विशेषज्ञ धनंजय मोहन और बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के निदेशक असद आर रहमानी के संयुक्त शोध में यह बात सामने आई है।
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हाल में ‘थ्रेटर्न बर्ड्स ऑफ उत्तराखंड’ पुस्तक में इनकी जानकारी प्रकाशित की गई है।

इन पक्षियों का अस्तित्व राज्य में नहीं दिखता

endangered bird

हिमालयन कोयल
सर्दियों के मौसम में खासकर पर झड़ीपानी मसूरी के अलावा नैनीताल के निकट शेर-का-डांडा में पाई गई थी। वर्ष 1836 और 1876 में मसूरी और नैनीताल में यह खोजी गई थी। 2002 की पड़ताल में यह नहीं मिली।

सफेद पीठ वाला गिद्ध (व्हाइट बैक्ड)
बर्ड लाइफ इंटरनेशनल 2013 के मुताबिक यह गिद्ध विलुप्त हो चुका है। पशुओं में वेटेनरी दवाओं के इस्तेमाल से प्रदूषित मांस भक्षण करना इसके लिए खात्मे का सबब बना है। उत्तराखंड में यह राजाजी नेशनल पार्क और कार्बेट टाइगर रिजर्व में पाया जाता था।

इनका अस्तित्व भी खत्म

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पतली चोंच वाला गिद्ध (स्लेंडर बिल्ड वल्चर)
गंगा नदी के उत्तरी इलाकों, उत्तराखंड, पश्चिमी बंगाल, नेपाल, बांग्लादेश, लाओस और कंबोडिया आदि जगहों पर इसका वास माना जाता है।

उत्तराखंड में यह कार्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी नेशनल पार्क में पाया जाता था। डिक्लोफेनिक दवाई के इस्तेमाल की वजह से यह गिद्ध भी खत्म हो गया है।

राजा गिद्ध (रेड हेडड)
नेपाल, भूटान, पाकिस्तान आदि के अलावा उत्तराखंड में राजाजी नेशनल पार्क, जिब कार्बेट पार्क, सोनानदी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और वर्ष 2011 में नंधौर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में भी पाया गया। इसकी विलुप्ति की प्रमुख वजह ब्रीडिंग के लिए पर्याप्त माहौल न मिल पाना है।

बायर्स पोचार्ड
यह पूर्ण रूप से विस्थापित चिड़िया है जो कि भारत में अक्तूबर से मार्च के बीच निवास करती है। भारत में यह मणिपुर, आसाम, पश्चिमी बंगाल के अलावा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के आसन बैराज क्षेत्र में पाई गई थी। कई साल से इसका कहीं पता नहीं चला।

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ये परिंदे भी हैं विलुप्त होने के कगार पर

endangered bird

इजिप्शियन गिद्ध, ब्लैक बिल्ड टेर्न, चीयर फीजेंट, वेस्टर्न ट्रैगोपैन, मार्बल्ड डक, लंबी पूंछ वाली बत्तख, लेसर व्हाइट फ्रंटेड गूज, वूड स्नाइप, लेसर एडजुटेंट, पैलेस फिश ईगल, इंडियन स्पॉट्ड ईगल, ईस्टर्न इंपीरियल ईगल, सारस क्रेन, इंडियन स्किमर, ग्रेड स्लेटी वूडपिकर, ग्रेड क्राउंड प्रीनिया, ब्रिस्टल्ड ग्रासबर्ड, येलो वेवर, हॉगसन गिद्ध।

इन पर खतरा
सैटिर ट्रैगोपैन, फाल्केटिड बत्तख, फेरिजीनियस बत्तख, पेंटिड स्टोर्क, ब्लैक नेक्ड स्टोर्क, ब्लैक हेडड इबिस, स्पॉट बिल्ड पेलिकन, ओरिएंटल डार्टर, लैगर फाल्कन, लेसर फिश ईगल, पैल्लिड हैरियर, सिनेरियस गिद्ध, रिवर लॉपविंग, रिवर टेर्न, यूरोपियन रोलर, ग्रेट हॉर्नबिल।

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