हरिद्वार: अब लीज की संपत्तियों से बेदखल होंगे कब्जाधारी, अरबों रुपए की संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर
हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध अतिक्रमण हटाने के अभियान की आंच लीज संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठे रसूखदारों पर भी आ सकती है। इसको लेकर इन रसूखदारों की नींद उड़ी हुई है। वर्तमान में धर्मनगरी में अरबों रुपये की लीज की संपत्तियों पर रसूखदारों का कब्जा जमा हुआ है।
दरअसल शहर के मुख्य मार्ग पर पेट्रोल पंप से रांची निवासी ऋषिकुल तक अरबों रुपये की आठ संपत्तियों पर रसूखदार काबिज है। जबकि 2013 में इन संपत्तियों से लीज समाप्त हो गया था।
इसके बाद से उन्होंने नगर निगम की ओर से सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित किराया भी नहीं दिया है। नगर निगम ने इन्हें कई बार हटाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी रसूखदारी आड़े आती रही है।
हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई
अब चूंकि हाईकोर्ट ने अवैध अतिक्रमण, पट्टों तथा लीज की संपत्तियों को भी खाली कराने का आदेश दिया है। ऐसे में नगर निगम कोर्ट के इस आदेश का इस्तेमाल अरबों की लीज संपतियों पर काबिज लोगों को बेदखल करने में कर सकता है।
नगर निगम ने लीज धारकों की बेदखली के लिए पीपी एक्ट में नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर कर रखे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन वादों का निस्तारण जल्दी हो जाएगा। क्योंकि काबिज लोगों पर कोई वाजिद आधार नहीं है और सभी बड़े व्यवसायी है।
यहीं नहीं इन लोगों द्वारा नगर निगम को किराया भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में इन्हें किराया न देना भी भारी पड़ सकता है। नगर आयुक्त डॉ. ललित नारायण मिश्रा का कहना है कि सरकारी संपत्तियों, सड़कों, नालों से अवैध कब्जेदार तथा अतिक्रमण करने वाले हटाए जाने हैं। आदेशानुसार इन्हें हटाने की कार्रवाई चल रही है।