फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Encroachment on forest land 15 Mazar were broken religious places or house-shops uttarakhand government

उत्तराखंड: वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई 15 मजारों को ध्वस्त, धार्मिक स्थल हों या मकान-दुकान सभी हटाए जाएंगे

Fri, 16 Dec 2022 12:09 PM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 16 Dec 2022 12:09 PM IST
सार

प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने कहा कि पूर्व में हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के तमाम वन प्रभागों से ऐसे अतिक्रमणों का चिन्हीकरण कर कंपाइल सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इसका वर्गीकरण किया जाएगा। इस सूची कुछ ऐसे में धार्मिक स्थल हैं, जहां कोई न कोई रह रहा है। जबकि कुछ ऐसे भी अतिक्रमण हैं, जो किसी ने बनाकर छोड़ दिए हैं।

विज्ञापन
Encroachment on forest land 15 Mazar were broken religious places or house-shops uttarakhand government
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

वन विभाग की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं विभाग का भी हौसला बुलंद है। सरकार की ओर से वन मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया है कि यह शुरूआत है। जहां कहीं भी वन भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, धार्मिक स्थल हों या मकान-दुकान, सबका नामोनिशान मिटाया जाएगा।

विज्ञापन


वन संरक्षण अधिनियम 1980 के बाद जितने भी ऐसे धार्मिक अतिक्रमण हुए हैं, सभी को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा इसके लिए अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। दो दिन पहले देहरादून वन प्रभाग के तहत वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई 15 मजारों को ध्वस्त कर दिया गया था।
विज्ञापन


मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह कार्रवाई विभाग की ओर से गुपचुप ढंग से की गई, लेकिन अमर उजाला में मामला उजागर होने के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बना है। इस विषय में अमर उजाला ने वन मंत्री से बातचीत की।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहला सवाल यही था वन विभाग की ओर से अतिक्रमण बताकर 15 मजारों को तोड़ा गया है, क्या ऐसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों या चर्च को भी तोड़ा जाएगा। इस पर वन मंत्री ने कहा, किसी भी अतिक्रमण को धार्मिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। स्पष्ट तौर पर सभी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 

सभी डिविजनों से मंगाई गई रिपोर्ट

इसकी शुरूआत देहरादून वन प्रभाग से की गई है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा। विभाग को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं ऐसे मामलों में सख्ती से निपटा जाए। फिलहाल सभी डिविजनों से रिपोर्ट मंगाई गई। उसे सूची का वर्गीकरण होते ही तेज होगी कार्रवाई 
 

प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने कहा कि पूर्व में हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के तमाम वन प्रभागों से ऐसे अतिक्रमणों का चिन्हीकरण कर कंपाइल सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इसका वर्गीकरण किया जाएगा।
 

ये भी पढ़ें...किस्मत का खेल: करोड़पति निकला भीख मांग गुजारा कर रहा बच्चा, पल भर ऐसे बदल गई जिंदगी

 

इस सूची कुछ ऐसे में धार्मिक स्थल हैं, जहां कोई न कोई रह रहा है, मतलब वह आबाद हैं। जबकि कुछ ऐसे भी अतिक्रमण हैं, जो किसी ने बनाकर छोड़ दिए हैं। कुछ ऐसे हैं जो 1980 में नोटिफिकेशन से पहले के हैं। इनका वर्गीकरण कर लिया गया है, उन पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जो आगे भी जारी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed