फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक मेजर की चल रही थी अंतिम विदाई तभी आई दूसरे मेजर के शहीद होने की खबर, उत्तराखंड ने फिर खोया 'लाल'

Tue, 19 Feb 2019 08:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 19 Feb 2019 08:43 AM IST
विज्ञापन
Encounter underway in pinglina pulwama jammu kashmir dehradun major martyr
मेजर विभूति ढौंडियाल

शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट की अंतिम यात्रा में सोमवार को जहां एक ओर भारी हुजूम दिल में देशभक्ति की भावना लिए उमड़ा था तो इसी बीच कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए दून का एक और लाल शहीद हो गया। अचानक आई इस खबर से लोग सकते में आ गए। जिसने भी सुना, एक सुर में शहीद बेटों की शहादत का बदला लेने की आवाज उठाने लगा। डंगवाल रोड निवासी स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल के पुत्र मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल सोमवार को पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए।



Encounter underway in pinglina pulwama jammu kashmir dehradun major martyr
शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल का शव पहुंचा देहरादून - फोटो : amar ujala

वह 34 वर्ष के थे। गत वर्ष अप्रैल में ही मेजर विभूति का विवाह फरीदाबाद निवासी निकिता कौल से हुआ था। निकिता कश्मीर विस्थापित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मेजर विभूति जनवरी के पहले सप्ताह में अप्रैल में शादी की पहली सालगिरह पर देहरादून आने का वादा कर ड्यूटी पर गए थे। सोमवार को सुबह उनकी शहादत की खबर पत्नी निकिता कौल के फोन पर आई। निकिता उस समय दिल्ली जा रही थी। खबर सुनकर किसी तरह उन्होंने मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल को फोन पर उनके पैर में गोली लगने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। वह दिल की मरीज हैं, इसलिए देर शाम तक भी उन्हें शहादत की खबर नहीं दी थी।

Encounter underway in pinglina pulwama jammu kashmir dehradun major martyr
martyr major vibhuti khanduri
शाम करीब 5:30 बजे शहीद का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंच गया। जहां से सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर घर पर लाया जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देर शाम, शहीद मेजर की पत्नी निकिता और उनके परिजन भी देहरादून पहुंच गए। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। पिता का 2012 में निधन हो चुका है। पत्नी दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Encounter underway in pinglina pulwama jammu kashmir dehradun major martyr
martyr major vibhuti dhaundiyal

शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल के दादा स्व. केशवानंद ढौंडियाल और पिता स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक(वायुसेना) देहरादून में ऑडिटर के पद पर तैनात थे। मौसम खराब होने के बावजूद जिसने भी मेजर विभूति की शहादत की खबर सुनी, वह उनके घर की और दौड़ पड़ा। मां के दिल की मरीज होने की वजह से किसी को भी घर के भीतर तो नहीं जाने दिया गया लेकिन दिनभर लोग डंगवाल मार्ग पर जुटे रहे। 
 

विज्ञापन
Encounter underway in pinglina pulwama jammu kashmir dehradun major martyr

शहीद मेजर तीन बहनों के इकलौते भाई थे। तीनों बहनें उनसे बड़ी हैं। घर में उनकी पत्नी, दादी और मां को मेजर डीएस ढौंडियाल की शहादत के बारे में नहीं बताया गया था। लेकिन बाद में सेना के अफसरों ने पत्नी को शहादत की खबर दे दी। वह कश्मीर विस्थापित परिवार से हैं। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। पत्नी निकिता आज सुबह ही ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। शहीद की मां सरोज दिल की मरीज हैं। उन्हें अभी तक जानकारी नहीं दी गई है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed