पुलवामा एनकांउटर: शहीद हुआ तीन बहनों का इकलौता भाई, पार्थिव शरीर पहुंचा घर तो पसरा मातम
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डंगवाल रोड निवासी स्व. ओमप्रकाश ढौंडियाल के पुत्र मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल सोमवार को पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। वह 34 वर्ष के थे। गत वर्ष अप्रैल में ही मेजर विभूति का विवाह फरीदाबाद निवासी निकिता कौल से हुआ था। निकिता कश्मीर विस्थापित परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
सोमवार को सुबह उनकी शहादत की खबर पत्नी निकिता कौल के फोन पर आई। निकिता उस समय दिल्ली जा रही थी। खबर सुनकर किसी तरह उन्होंने मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल को फोन पर उनके पैर में गोली लगने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। वह दिल की मरीज हैं, इसलिए देर शाम तक भी उन्हें शहादत की खबर नहीं दी थी।
शाम करीब 5:30 बजे शहीद का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंच गया। जहां से सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को सीधे उनके आवास लाया जा रहा है। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देर शाम, शहीद मेजर की पत्नी निकिता और उनके परिजन भी देहरादून पहुंच गए। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। पिता का 2012 में निधन हो चुका है। पत्नी दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करती हैं।