{"_id":"62b7673967bf0368003fd859","slug":"emergency-black-spot-in-the-history-of-democracy-city-news-drn415570443","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला धब्बा- कौशिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला धब्बा- कौशिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला धब्बा है। इस दौरान न केवल विपक्षी नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया था, बल्कि प्रेस पर भी सेंसरशिप लगा दी गई थी।
कौशिक ने ये बात कारगी चौक स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आपातकाल दिवस पर हुई गोष्ठी के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। कहा कि कांग्रेस ने देश में एक सत्ताभोगी जमात पैदा की। जब भी इसके हितों के विरुद्ध कोई खड़ा हुआ, तो उसकी आवाज दबाने का काम कांग्रेस ने किया। कहा कि 25 जून 1975 को देश पर थोपा गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस दौरान विपक्षी दल, प्रेस, न्यायपालिका सभी का गला घोंटने का काम किया गया। उस समय जय प्रकाश नारायण एवं अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं के नेतृत्व में जनता ने इसका प्रतिकार किया और 1977 में तानाशाही शासन को उखाड़ फेंका। कहा कि कांग्रेस की मानसिकता आज भी वही तानाशाही व परिवारवादी है। यही कारण है कि जनता ने उसे नकार दिया है।
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस की जन विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के कारण वह राजनीतिक दल के रूप में समाप्त होती चली गई और केवल सत्ता चलाने वालों का समूह बनकर रह गई। यही कारण है कि जनता ने अब उसे अस्वीकार कर दिया है। कार्यक्रम में आपातकाल के समय के भाजपा कार्यकर्ता महेश्वर बहुगुणा एवं गिरीश इस्टवाल को मदन कौशिक ने शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर उपाध्यक्ष आनंद सागर, भुवनेश कुकरेती, मंडल अध्यक्ष संदीप मुखर्जी, विजय भट्ट, धर्मपाल रावत, मंजू कोटनाला, कैंट बोर्ड के नामित सदस्य बीना नौटियाल, पार्षद सतीश कश्यप, दिनेश सती, आलोक कुमार, राजपाल पयाल, अनुराधा वालिया, पूर्व पार्षद गोविंद मोहन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, कैंट विधानसभा में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश को कठिनाई झेलनी पड़ी। इस दौरान संघ और जनसंघ के लोगों को यातनाएं झेलनी पड़ी। इसके बाद जब जनता सड़कों पर उतरी तो 1977 में कांग्रेस साफ हो गई। विधायक सविता कपूर ने कहा कि आपातकाल में लोगों ने क्या झेला, इसकी जानकारी युवा पीढ़ी को भी पता चले, इसलिए गोष्ठी आयोजित की गई है। इस मौके पर आपातकाल का दंश झेलने वाले विजय शर्मा, रंजना अरोड़ा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विनय गोयल, बबलू बंसल, विजय थपलियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कौशिक ने ये बात कारगी चौक स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आपातकाल दिवस पर हुई गोष्ठी के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। कहा कि कांग्रेस ने देश में एक सत्ताभोगी जमात पैदा की। जब भी इसके हितों के विरुद्ध कोई खड़ा हुआ, तो उसकी आवाज दबाने का काम कांग्रेस ने किया। कहा कि 25 जून 1975 को देश पर थोपा गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस दौरान विपक्षी दल, प्रेस, न्यायपालिका सभी का गला घोंटने का काम किया गया। उस समय जय प्रकाश नारायण एवं अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं के नेतृत्व में जनता ने इसका प्रतिकार किया और 1977 में तानाशाही शासन को उखाड़ फेंका। कहा कि कांग्रेस की मानसिकता आज भी वही तानाशाही व परिवारवादी है। यही कारण है कि जनता ने उसे नकार दिया है।
विज्ञापन
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस की जन विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के कारण वह राजनीतिक दल के रूप में समाप्त होती चली गई और केवल सत्ता चलाने वालों का समूह बनकर रह गई। यही कारण है कि जनता ने अब उसे अस्वीकार कर दिया है। कार्यक्रम में आपातकाल के समय के भाजपा कार्यकर्ता महेश्वर बहुगुणा एवं गिरीश इस्टवाल को मदन कौशिक ने शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर उपाध्यक्ष आनंद सागर, भुवनेश कुकरेती, मंडल अध्यक्ष संदीप मुखर्जी, विजय भट्ट, धर्मपाल रावत, मंजू कोटनाला, कैंट बोर्ड के नामित सदस्य बीना नौटियाल, पार्षद सतीश कश्यप, दिनेश सती, आलोक कुमार, राजपाल पयाल, अनुराधा वालिया, पूर्व पार्षद गोविंद मोहन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, कैंट विधानसभा में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश को कठिनाई झेलनी पड़ी। इस दौरान संघ और जनसंघ के लोगों को यातनाएं झेलनी पड़ी। इसके बाद जब जनता सड़कों पर उतरी तो 1977 में कांग्रेस साफ हो गई। विधायक सविता कपूर ने कहा कि आपातकाल में लोगों ने क्या झेला, इसकी जानकारी युवा पीढ़ी को भी पता चले, इसलिए गोष्ठी आयोजित की गई है। इस मौके पर आपातकाल का दंश झेलने वाले विजय शर्मा, रंजना अरोड़ा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विनय गोयल, बबलू बंसल, विजय थपलियाल आदि मौजूद रहे।